मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने नवनीत राणा के बुर्का बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

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मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने नवनीत राणा के बुर्का बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

सारांश

नवनीत राणा के विवादास्पद बयान पर मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राणा पर मुस्लिम महिलाओं से डरने का आरोप लगाया और राजनीतिक पदों में उनकी उपस्थिति का उल्लेख किया।

Key Takeaways

  • नवनीत राणा ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर विवादित टिप्पणी की।
  • मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
  • महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर पूर्वाग्रह का संकेत।
  • भारतीय समाज में महिला नेतृत्व का महत्व।

बरेली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने भाजपा नेता नवनीत राणा के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नवनीत राणा मुस्लिम महिलाओं से भयभीत और डरी हुई हैं। इसलिए उन्होंने यह टिप्पणी की कि बुर्का पहनने वाली महिलाएं मुख्यमंत्री या मेयर नहीं बन सकती।

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुर्शिदाबाद के विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर नवनीत राणा का कहना कि बुर्का पहनने वाली महिलाएं राजनीतिक पद नहीं संभाल सकतीं, वास्तव में यह उनकी मुस्लिम महिलाओं के प्रति डर को दर्शाता है। नवनीत राणा खुद एक महिला हैं, इसलिए उन्हें सभी समुदायों की महिलाओं के प्रति इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। उन्हें इतिहास पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आज भी देश में कई महिलाएं मेयर हैं।"

उदाहरण के लिए, मालेगांव की मेयर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "नवनीत राणा को वहां जाकर देखना चाहिए। असम में फातिमा नाम की महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। इसके अलावा मुस्लिम महिला नेताओं की कई मिसालें हैं। नवनीत राणा की समस्या बुर्का नहीं, बल्कि मुस्लिम महिलाओं से है।"

इससे पहले, हुमायूं कबीर के बयान पर नवनीत राणा ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, "हुमायूं कबीर की सात पीढ़ियां भी आ जाएं, तो पश्चिम बंगाल ही नहीं, पूरे देश में बुर्का पहनने वाली कोई भी महापौर या मुख्यमंत्री नहीं बन सकती। हुमायूं कबीर को यह सपना देखने से पहले सौ बार सोचना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि यह भगवान राम और भीमराव अंबेडकर के विचारों के अनुसार दिए गए संविधान की भूमि है। नवनीत राणा ने यह भी कहा, "भारत तब तक सेकुलर नहीं हो सकता जब तक मुस्लिम देश नहीं छोड़ते।"

Point of View

बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी की प्रतिक्रिया ने स्पष्ट किया है कि हमारे समाज में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर कई पूर्वाग्रह मौजूद हैं।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

नवनीत राणा का विवादास्पद बयान क्या था?
नवनीत राणा ने कहा था कि बुर्का पहनने वाली महिलाएं मुख्यमंत्री या मेयर नहीं बन सकतीं।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि नवनीत राणा मुस्लिम महिलाओं से डरती हैं और उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए।
क्या बुर्का पहनने वाली महिलाएं राजनीति में सफल हो सकती हैं?
हां, मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने कई उदाहरण दिए हैं, जैसे मालेगांव की मेयर और असम की मुख्यमंत्री फातिमा।
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