मणिपुर: ट्रोंगलाओबी हमले पर सीएम की सर्वदलीय बैठक, जनता से शांति की अपील
सारांश
मुख्य बातें
इम्फाल, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने बिश्नुपुर जिले के मोइरांग में स्थित ट्रोंगलाओबी अवांग लेकाई में संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा किए गए बम हमले की कड़ी निंदा की। इस घातक हमले में पांच साल के एक बच्चे और छह महीने की एक बच्ची की जान गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार इस घृणित अपराध में संलिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार राज्य में शांति और सौहार्द स्थापित करने का प्रयास करती है, तब ऐसे हिंसक घटनाओं का सामना करना पड़ता है। उनका यह भी कहना है कि वर्तमान शांति प्रक्रिया को विफल करने के लिए कुछ लोग अपने निजी हितों की पूर्ति कर रहे हैं, जबकि राज्य सामान्य स्थिति की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह नई हिंसा उस दो महीने पुरानी सरकार को अस्थिर करने के लिए की गई है, जो लगभग एक वर्ष के राष्ट्रपति शासन के बाद केंद्र द्वारा स्थापित की गई थी।
उन्होंने सभी समुदायों, जातियों और धर्मों के लोगों से अपील की कि वे आतंकवाद के किसी भी कृत्य को तुरंत त्याग दें। उन्होंने आम जनता से अनुरोध किया कि वे बंद, अवरोध और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान जैसी गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि इससे आम जनता की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
युमनम खेमचंद ने दोनों बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और सरकार की ओर से सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने राज मेडिसिटी, इम्फाल का दौरा किया, जहां घायल मां का इलाज चल रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि उन्हें संपूर्ण देखभाल और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए ताकि वे जल्दी स्वस्थ हो सकें।
इस के साथ ही, मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री सचिवालय में सभी राजनीतिक दलों की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में ट्रोंगलाओबी घटना पर विस्तार से चर्चा की गई और इस हमले की कड़ी निंदा की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और शांति, एकता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। नेताओं ने अपने विचार साझा किए और सामान्य स्थिति बहाल करने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि घटना के जिम्मेदार व्यक्तियों की जल्द पहचान की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। सभी उपस्थित नेताओं ने सर्वसम्मति से जनता से अपील की कि वे शांत रहें, किसी भी प्रकार की हिंसा या आंदोलन में शामिल न हों, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान न पहुंचाएं, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिकारियों का सहयोग करें।