दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कचरा प्रबंधन और आवारा मवेशी मुद्दे MCD विशेष समिति को सौंपे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को कचरा प्रबंधन की खामियों और राजधानी की सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या पर संज्ञान लेते हुए दोनों मामलों को दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्पेशल कमिटी को भेज दिया। उन्होंने निगम से विधायकों की शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा तलब किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नागरिक सुविधाओं को लेकर विधायकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
कचरा प्रबंधन: MCD कमिश्नर को समिति के सामने पेश होने का निर्देश
कचरा प्रबंधन का मुद्दा विधायक अनिल गोयल ने नियम 280 के तहत सदन में उठाया था। उन्होंने कचरा जमा होने वाले स्थानों, खुले डस्टबिन, अपर्याप्त कचरा-उठान व्यवस्था और साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर चिंताओं की ओर ध्यान दिलाया। स्पीकर गुप्ता ने MCD कमिश्नर को निर्देश दिया कि वे स्पेशल कमिटी के सामने उपस्थित हों, सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब दें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपें।
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि साफ-सफाई और स्वच्छता दिल्ली नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और निगम को इसे प्रभावी ढंग से निभाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कचरा उठाने का ठेका पाने वाले कॉन्ट्रैक्टरों के कामकाज और जवाबदेही की भी जाँच होनी चाहिए, यदि वे अपना काम ठीक से नहीं कर रहे।
आवारा मवेशी: संगठित व्यवस्था की आशंका, जाँच के आदेश
विधायक हरीश खुराना ने आवारा मवेशियों का मुद्दा उठाते हुए बताया कि दिल्ली के कई इलाकों में मवेशियों को बार-बार सड़कों पर छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि यह काम खासतौर पर अवैध डेयरी संचालकों द्वारा दूध निकालने के बाद किया जाता है।
स्पीकर गुप्ता ने इस स्थिति को 'चिंताजनक' बताते हुए कहा कि सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशियों से दुर्घटनाएँ हो रही हैं और नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मवेशियों को इस तरह व्यवस्थित रूप से छोड़े जाने के पीछे कोई संगठित तंत्र काम कर रहा प्रतीत होता है और इसकी गहन जाँच होनी चाहिए।
MCD से माँगी गई विस्तृत रिपोर्ट
आवारा मवेशियों के मामले में गुप्ता ने MCD कमिश्नर से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट माँगी:
दिल्ली में गौशालाओं की संख्या, उनमें उपलब्ध जगह और क्षमता; बचाए गए मवेशियों को रखने की व्यवस्था; मवेशियों को जब्त करने के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रिया; और सार्वजनिक सड़कों पर मवेशी छोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गुप्ता ने जोर देकर कहा कि दिल्ली के नागरिकों की सुरक्षा और जानवरों की भलाई दोनों के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने MCD की स्पेशल कमिटी को निर्देश दिया कि वह इन मामलों पर तत्काल ध्यान दे और पूरी तरह जाँच करे। निगम को विधानसभा को नियमित रूप से की जा रही कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में कचरा प्रबंधन और आवारा पशुओं की समस्या विधानसभा तक पहुँची हो — लेकिन इस बार स्पीकर स्तर से सीधे विशेष समिति को जवाबदेह बनाया गया है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित करता है।