दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 917 आधुनिक कचरा वाहनों को झंडी दिखाई, 4.5 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को वेस्ट दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रह और सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने 917 अत्याधुनिक कचरा संग्रह वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाई, जो दिल्ली की नगरीय स्वच्छता व्यवस्था को तकनीक-आधारित ढाँचे में ढालने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
परियोजना का दायरा और चरणबद्ध क्रियान्वयन
सरकारी बयान के अनुसार, यह परियोजना वेस्ट दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के 25 वार्डों के लगभग 4.5 लाख परिवारों को कवर करेगी। पहले चरण में 6 वार्डों में सेवा शुरू कर दी गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त 2026 तक इस प्रणाली के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में कचरा प्रबंधन और लैंडफिल साइटों का बोझ लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। गौरतलब है कि राजधानी के कई इलाकों में अनियमित कचरा संग्रह की शिकायतें लगातार आती रही हैं।
आधुनिक वाहन बेड़े का विवरण
तैनात किए गए 917 वाहनों के बेड़े में तंग गलियों तक पहुँचने के लिए 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिपर, 52 कॉम्पैक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407 वाहन, 10 डंपर, 6 बिन वॉशर, 123 एफसीटीएस बिन और 1,300 लीटर क्षमता वाले 1.1 सीबीएम बिन शामिल हैं। बयान के अनुसार, ये संसाधन हर घर से 100 प्रतिशत समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
मुख्यमंत्री का विज़न और सफाई कर्मचारियों से संवाद
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के सफाई कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद किया और उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल कचरा एकत्र करना नहीं, बल्कि एक 'आधुनिक, तकनीक-आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम' खड़ा करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक, मज़बूत बुनियादी ढाँचे और नागरिक भागीदारी के बल पर दिल्ली को देश की सबसे स्वच्छ और सुव्यवस्थित राजधानी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
इस अवसर पर दिल्ली के मंत्री आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, MCD कमिश्नर संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आगे की राह
परियोजना के पूरी तरह लागू होने पर वेस्ट दिल्ली के समस्त 25 वार्डों में घर-घर कचरा संग्रह की व्यवस्था सुव्यवस्थित हो जाएगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या यह प्रणाली वास्तविक क्रियान्वयन में उतनी ही प्रभावी साबित होती है जितनी कागज़ पर दिखती है — विशेष रूप से सघन आबादी वाले क्षेत्रों में जहाँ पहुँच एक बड़ी चुनौती रही है।