दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने पंजाबी बाग मेट्रो पर 'अर्पण केंद्र' का उद्घाटन किया, 5 स्टेशनों पर कपड़ा दान की शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 अगस्त 2025 को पंजाबी बाग पश्चिम मेट्रो स्टेशन पर पुराने कपड़े दान केंद्र 'अर्पण केंद्र' का उद्घाटन किया। यह पहल दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और दिल्ली मेट्रो महिला कल्याण संगठन के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उपयोग योग्य पुराने वस्त्रों के संग्रह के साथ-साथ उनके पुनर्उपयोग, रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करना है।
मुख्य घटनाक्रम
पहले चरण के अंतर्गत सोमवार, 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के पाँच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों — शालीमार बाग, पंजाबी बाग पश्चिम, मयूर विहार चरण-1, शाहदरा और रोहिणी पश्चिम — पर एक साथ अर्पण केंद्र लॉन्च किए गए। इस पहल की रूपरेखा 3 मई 2025 को पेश की गई थी, जिसके तहत कुल 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जाने हैं। संबंधित संगठनों के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में मादीपुर विधायक कैलाश गंगवाल, DMRC के प्रबंध निदेशक विकास कुमार, दिल्ली मेट्रो महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष शालिनी सिंह, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
डिजिटल और पारदर्शी दान प्रणाली
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वस्त्र दान प्रक्रिया के लिए QR कोड आधारित डिजिटल प्रणाली का अवलोकन किया। इस व्यवस्था के तहत दानकर्ता QR कोड स्कैन कर अपने वस्त्र दान कर सकते हैं और बदले में एक डिजिटल रसीद प्राप्त करेंगे। चयनित सभी मेट्रो स्टेशनों पर कपड़ा संग्रह-सह-बिक्री कियोस्क भी स्थापित किए जा रहे हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा, 'विकसित दिल्ली का निर्माण केवल सड़कों, पुलों और मेट्रो लाइनों के बारे में नहीं है — बल्कि जिम्मेदार नागरिकों, संसाधनों के प्रति सम्मान और पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता के बारे में भी है।'
महिला सशक्तिकरण और आजीविका
इस पहल का एक महत्वपूर्ण आयाम महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सक्रिय भागीदारी है। ये महिलाएं केंद्रों के संचालन के साथ-साथ वस्त्रों के संग्रह, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अपसाइक्लिंग में भाग लेंगी, जिससे सम्मानजनक आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का एकीकृत मॉडल बताया।
पर्यावरण पर असर
रेखा गुप्ता ने कहा कि पुराने कपड़ों का पुनर्चक्रण न केवल अपशिष्ट को कम करता है, बल्कि पानी, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि एक नागरिक द्वारा दान किया गया प्रत्येक परिधान पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला सकता है। गौरतलब है कि वस्त्र उद्योग वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक जल-गहन उद्योगों में से एक माना जाता है, और इस तरह की स्थानीय पहलें उस बड़े पर्यावरणीय संकट की ओर ध्यान दिलाती हैं।
आगे क्या
पहले चरण की सफलता के बाद शेष 5 मेट्रो स्टेशनों पर भी अर्पण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह पहल दिल्ली सरकार के सतत विकास एजेंडे का हिस्सा है और आने वाले महीनों में इसके विस्तार की संभावना है।