लक्ष्मी योजना लागू: दिल्ली की महिलाओं ने सीएम रेखा गुप्ता को माला पहनाई, ₹2,500 मासिक सहायता का रास्ता खुला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा द्वारा लक्ष्मी योजना को औपचारिक रूप से लागू किए जाने के बाद 7 जुलाई को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का महिलाओं ने जोरदार स्वागत किया। महिलाओं ने उन्हें माला पहनाई और 'सीएम रेखा गुप्ता जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस योजना के तहत दिल्ली की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह ₹2,500 की सीधी आर्थिक सहायता का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उत्सव का माहौल और जनसमर्थन
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाएं मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें खिंचवाती नजर आईं और उनके चेहरों पर योजना लागू होने की खुशी स्पष्ट दिखी। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा, 'जो वादा दिल्ली सरकार ने महिलाओं से किया था, उसे आज हम पूरा करने में सफल रहे हैं। महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं है। मैं खुद व्यक्तिगत रूप से बहुत खुश हूँ। मेरे पास अपनी खुशी को व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं वादा करती हूँ कि दिल्ली की महिलाओं के मान-सम्मान के लिए यह सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका सशक्तीकरण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।'
मंत्री आशीष सूद की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह देखने का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में महज एक साल के भीतर महिलाओं के खातों में ₹2,500 मिलने का रास्ता खुल गया है, जिसका चौतरफा स्वागत हो रहा है।
योजना का महत्व और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में महिला-केंद्रित नीतियाँ राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। लक्ष्मी योजना दिल्ली सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जो विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं से किए गए वादों पर आधारित थी। गौरतलब है कि इस तरह की प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजनाएं देश के कई राज्यों में महिला सशक्तीकरण के एक प्रमुख साधन के रूप में उभरी हैं। आने वाले महीनों में योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या पर सरकार की जवाबदेही परखी जाएगी।