17 अगस्त 2026
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दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया 'कूड़े से आजादी' अभियान, वार्डों के लिए ₹1 करोड़ का इनाम

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दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया 'कूड़े से आजादी' अभियान, वार्डों के लिए ₹1 करोड़ का इनाम

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'कूड़े से आजादी' अभियान का आगाज़ किया — 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में MCD वार्ड ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि के लिए होंगे आमने-सामने। कूड़े के पहाड़ों से जूझ रही राजधानी के लिए यह एक बड़ा दांव है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 अगस्त 2026 को 'दिल्ली को कूड़े से आजादी — स्वच्छता अभियान 2026' का शुभारंभ किया।
अभियान 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) तक चलेगा; सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले MCD वार्डों को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि।
लक्ष्य: वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और नागरिक भागीदारी बढ़ाना।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा , शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और महापौर प्रवेश वाही उपस्थित रहे।
सरकार ने MCD की वित्तीय मज़बूती को प्राथमिकता बताया; सरकारी विभाग, बाज़ार संघ, NGO और शैक्षणिक संस्थान अभियान में शामिल होंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को दिल्ली नगर निगम (MCD) मुख्यालय के केदारनाथ साहनी सभागार में 'दिल्ली को कूड़े से आजादी — स्वच्छता अभियान 2026' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत नगर निगम के विभिन्न वार्डों को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया जाएगा।

अभियान की रूपरेखा और लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह विशेष स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान के चार प्रमुख उद्देश्य हैं — राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता सुनिश्चित करना और नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाकर व्यापक सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करना।

इस अवसर पर अभियान से संबंधित एक ब्रोशर भी जारी किया गया। सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, बाज़ार संघों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को एक साथ जोड़कर इसे व्यापक जन आंदोलन का रूप देने की योजना है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली को कचरे से मुक्त करने का हमारा उद्देश्य केवल अभियान चलाना नहीं है, बल्कि स्वच्छता को नागरिकों के दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना है।'

उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है और अपर्याप्त प्रसंस्करण के कारण शहर में कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। MCD की वित्तीय कठिनाइयों के समाधान को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि निगम को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मल्होत्रा ने महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में स्वच्छता को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, 'दिल्ली को कूड़े से आजादी का संकल्प केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है — यह स्वच्छता को लोगों की सोच और व्यवहार का हिस्सा बनाने का प्रयास है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आलोचनाओं के बावजूद स्वच्छ भारत अभियान एक व्यापक जन आंदोलन बन गया और करोड़ों परिवारों को स्वच्छ शौचालय सुविधाएँ मिलीं।

आगे की राह

यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब दिल्ली के कूड़े के पहाड़ — गाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला — लंबे समय से पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी दिल्ली-केंद्रित स्वच्छता पहल है जो 2 अक्टूबर — गांधी जयंती — को समयसीमा के रूप में लक्षित करती है। वार्ड-स्तरीय प्रतिस्पर्धा और पुरस्कार राशि की व्यवस्था इसे पिछले अभियानों से अलग बनाती है। अब देखना यह होगा कि नागरिक भागीदारी और निगम की क्षमता मिलकर इस संकल्प को ज़मीन पर कितना उतार पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दिल्ली के गाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला जैसे कूड़े के पहाड़ दशकों की संरचनात्मक विफलता के प्रतीक हैं — जिन्हें महज़ एक अभियान से नहीं पाटा जा सकता। असली सवाल यह है कि MCD की वित्तीय कमज़ोरी और प्रसंस्करण क्षमता की कमी को दूर किए बिना नागरिक जागरूकता अभियान कितना कारगर होगा। गांधी जयंती की समयसीमा प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, पर जब तक ठोस बुनियादी ढाँचे में निवेश नहीं होता, यह अभियान भी पिछली घोषणाओं की तरह सुर्खियों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'दिल्ली को कूड़े से आजादी — स्वच्छता अभियान 2026' क्या है?
यह दिल्ली सरकार और MCD का एक संयुक्त स्वच्छता अभियान है, जिसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 अगस्त 2026 को लॉन्च किया। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और नागरिक भागीदारी के ज़रिए दिल्ली को कचरामुक्त बनाना है।
यह अभियान कब तक चलेगा और पुरस्कार राशि किसे मिलेगी?
अभियान 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) तक चलेगा। MCD के विभिन्न वार्ड ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, जो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वार्डों को दी जाएगी।
इस अभियान में कौन-कौन शामिल होगा?
सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय, बाज़ार संघ, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक — सभी को इस अभियान में भागीदार बनाया जाएगा। सरकार इसे एक व्यापक जन आंदोलन का रूप देना चाहती है।
दिल्ली में कचरे की समस्या कितनी गंभीर है?
दिल्ली में प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है और अपर्याप्त प्रसंस्करण क्षमता के कारण गाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला जैसे विशाल कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। ये पहाड़ पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक चुनौती बने हुए हैं।
MCD को आर्थिक रूप से मज़बूत करने की क्या योजना है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि MCD की वित्तीय कठिनाइयों का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी सहयोग से निगम स्वच्छता और अन्य क्षेत्रों में तेज़ी से काम कर रहा है, हालाँकि ठोस वित्तीय योजना का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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