30 सितंबर 2026
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स्वच्छता ही सेवा 2026: CM रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों को 'स्वच्छता नायक' बताया, सम्मान बढ़ाने की अपील

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स्वच्छता ही सेवा 2026: CM रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों को 'स्वच्छता नायक' बताया, सम्मान बढ़ाने की अपील

सारांश

दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' में सफाई कर्मचारियों को समाज का असली नायक बताया और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का आह्वान किया। मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि आयुष्मान योजना और दिल्ली सरकार के टॉप-अप से इन कर्मचारियों को अब ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है।

मुख्य बातें

30 सितंबर 2026 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' कार्यक्रम आयोजित किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों को 'स्वच्छता नायक' करार देते हुए उनके प्रति समाज में सम्मान बढ़ाने की अपील की।
मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख और दिल्ली सरकार के टॉप-अप के साथ कुल स्वास्थ्य कवरेज ₹10 लाख है।
सीएम गुप्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सफाई कर्मचारियों की अनदेखी की; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उन्हें उचित सम्मान मिला।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला सफाई कर्मचारी भी उपस्थित रहीं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 सितंबर 2026 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित 'स्वच्छता ही सेवा 2026' कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों को समाज के सच्चे 'स्वच्छता नायक' करार दिया और उनके प्रति सम्मान बढ़ाने की अपील की। इस कार्यक्रम में मेयर प्रवेश वाही सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों — जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हैं — से सीधे मुखातिब होते हुए कहा कि अब उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, 'अब सचमुच इन स्वच्छता मित्रों का दोस्त बनने, उनके दुख-दर्द को समझने और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय आ गया है। वे जो काम करते हैं, उसे समाज के ज़्यादातर लोग सबसे आखिरी प्राथमिकता देते हैं।'

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह कार्य स्वेच्छा से नहीं, बल्कि आजीविका की आवश्यकता से जुड़ा है। उनके शब्दों में, 'अगर किसी को 10 नौकरियों में से चुनना हो, तो शायद वे इसे सबसे आखिरी में चुनेंगे। लेकिन उन्होंने इसी काम को अपनी आजीविका बनाया है। यह कोई आसान काम नहीं है।'

व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ी बात

मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्वच्छता अभियानों के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने झाड़ू उठाई तो महज 10 मिनट में हाथों में दर्द होने लगा, जबकि सफाई कर्मचारी यही कठिन काम प्रतिदिन घंटों करते हैं। यह तुलना उन्होंने समाज में इस पेशे की उपेक्षा को उजागर करने के लिए की।

सफाई कर्मचारियों के संघर्ष और सरकारी पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने वर्षों तक अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने उनकी अनदेखी की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने के बाद इस वर्ग को वह सम्मान मिला जिसके वे हकदार थे।

मेयर ने गिनाई कल्याणकारी योजनाएँ

मेयर प्रवेश वाही ने सभा में सफाई कर्मचारियों के लिए सरकारी कल्याण योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार मिलता है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने ₹5 लाख का अतिरिक्त टॉप-अप प्रदान किया है, जिससे कुल स्वास्थ्य कवरेज ₹10 लाख हो गया है।

वाही ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री की सोच के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए लगातार नई योजनाएँ लाई जा रही हैं।' उन्होंने इसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक ठोस सामाजिक सुरक्षा कदम बताया।

आगे की राह

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब केंद्र और राज्य सरकारें स्वच्छता अभियानों को जन-भागीदारी से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। गौरतलब है कि 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान प्रतिवर्ष आयोजित होता है और इसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सामाजिक चेतना जगाना है। मुख्यमंत्री गुप्ता की अपील यह संकेत देती है कि आने वाले समय में दिल्ली सरकार सफाई कर्मचारियों की सामाजिक स्थिति सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह भावनात्मक स्वीकृति ज़मीन पर कब और कैसे बदलती है। ₹10 लाख का स्वास्थ्य कवरेज एक सकारात्मक कदम है, परंतु इस वर्ग की मज़दूरी, सामाजिक सुरक्षा और काम की परिस्थितियाँ अभी भी व्यापक चर्चा से बाहर हैं। मंच पर सम्मान और नीतिगत ठोसता के बीच की खाई को पाटने की ज़िम्मेदारी सरकारों पर है, न सिर्फ कार्यक्रमों में।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वच्छता ही सेवा 2026' कार्यक्रम क्या है?
'स्वच्छता ही सेवा 2026' केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित वार्षिक जागरूकता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सामाजिक चेतना जगाना और सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देना है। इस वर्ष यह 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
CM रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों को समाज के 'स्वच्छता नायक' बताया और कहा कि उनके कठिन दैनिक कार्य को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए अपील की कि समाज को इन 'स्वच्छता मित्रों' के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए।
दिल्ली में सफाई कर्मचारियों को कितना स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है?
मेयर प्रवेश वाही के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख और दिल्ली सरकार के ₹5 लाख के अतिरिक्त टॉप-अप को मिलाकर सफाई कर्मचारियों को कुल ₹10 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार मिलता है। यह सुविधा असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।
क्या सफाई कर्मचारियों को पहले सरकारी सहायता नहीं मिलती थी?
मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, सफाई कर्मचारियों ने वर्षों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस वर्ग को उचित सम्मान और योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मेयर प्रवेश वाही और अन्य नेता शामिल हुए। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी — जिनमें विशेष रूप से महिला कर्मचारी शामिल थीं — भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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