स्वच्छता ही सेवा 2026: CM रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों को 'स्वच्छता नायक' बताया, सम्मान बढ़ाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 सितंबर 2026 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित 'स्वच्छता ही सेवा 2026' कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों को समाज के सच्चे 'स्वच्छता नायक' करार दिया और उनके प्रति सम्मान बढ़ाने की अपील की। इस कार्यक्रम में मेयर प्रवेश वाही सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों — जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हैं — से सीधे मुखातिब होते हुए कहा कि अब उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, 'अब सचमुच इन स्वच्छता मित्रों का दोस्त बनने, उनके दुख-दर्द को समझने और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय आ गया है। वे जो काम करते हैं, उसे समाज के ज़्यादातर लोग सबसे आखिरी प्राथमिकता देते हैं।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह कार्य स्वेच्छा से नहीं, बल्कि आजीविका की आवश्यकता से जुड़ा है। उनके शब्दों में, 'अगर किसी को 10 नौकरियों में से चुनना हो, तो शायद वे इसे सबसे आखिरी में चुनेंगे। लेकिन उन्होंने इसी काम को अपनी आजीविका बनाया है। यह कोई आसान काम नहीं है।'
व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ी बात
मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्वच्छता अभियानों के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने झाड़ू उठाई तो महज 10 मिनट में हाथों में दर्द होने लगा, जबकि सफाई कर्मचारी यही कठिन काम प्रतिदिन घंटों करते हैं। यह तुलना उन्होंने समाज में इस पेशे की उपेक्षा को उजागर करने के लिए की।
सफाई कर्मचारियों के संघर्ष और सरकारी पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने वर्षों तक अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने उनकी अनदेखी की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने के बाद इस वर्ग को वह सम्मान मिला जिसके वे हकदार थे।
मेयर ने गिनाई कल्याणकारी योजनाएँ
मेयर प्रवेश वाही ने सभा में सफाई कर्मचारियों के लिए सरकारी कल्याण योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार मिलता है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने ₹5 लाख का अतिरिक्त टॉप-अप प्रदान किया है, जिससे कुल स्वास्थ्य कवरेज ₹10 लाख हो गया है।
वाही ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री की सोच के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए लगातार नई योजनाएँ लाई जा रही हैं।' उन्होंने इसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक ठोस सामाजिक सुरक्षा कदम बताया।
आगे की राह
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब केंद्र और राज्य सरकारें स्वच्छता अभियानों को जन-भागीदारी से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। गौरतलब है कि 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान प्रतिवर्ष आयोजित होता है और इसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सामाजिक चेतना जगाना है। मुख्यमंत्री गुप्ता की अपील यह संकेत देती है कि आने वाले समय में दिल्ली सरकार सफाई कर्मचारियों की सामाजिक स्थिति सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठा सकती है।