दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन: CM रेखा गुप्ता ने सुनीता कांगड़ा को बनाया अध्यक्ष
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने 29 जुलाई 2026 को दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन किया, जिसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए संस्थागत ढाँचे को अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाना है। इस पुनर्गठन के तहत सुनीता कांगड़ा को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
नई नियुक्तियाँ और आयोग का नया स्वरूप
पुनर्गठित आयोग में सुनीता कांगड़ा को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मनोज कुमार और सुशांत सागर को आयोग का अंशकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। सरकार के अनुसार, इन नियुक्तियों में अनुभवी और योग्य व्यक्तियों को प्राथमिकता दी गई है ताकि आयोग के कार्य अधिक जनोन्मुख हो सकें।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन नियुक्तियों से आयोग अधिक सक्रिय होकर कार्य करेगा और सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलेगी।
गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली आयोग सफाई कर्मचारी की भूमिका कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और उनसे जुड़े मुद्दों के प्रभावी समाधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ईज ऑफ लिविंग और प्रशासनिक सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि वे उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं, जिसमें अनावश्यक नियमों को कम करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के विजन के अनुरूप सभी विभागों को सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सरकार निवेश को बढ़ावा देने और रोज़गार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। गौरतलब है कि सफाई कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन इसी व्यापक प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
आम जनता और सफाई कर्मचारियों पर असर
दिल्ली में कथित तौर पर लाखों सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी शिकायतों और कल्याण से जुड़े मामलों की सुनवाई इसी आयोग के माध्यम से होती है। पुनर्गठित आयोग से अपेक्षा है कि वह शिकायत निवारण की प्रक्रिया को तेज़ करेगा और कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए सरकार हर व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आने वाले हफ्तों में आयोग की नई टीम से अपनी कार्ययोजना सार्वजनिक करने की उम्मीद है।