दिल्ली CM रेखा गुप्ता की LG टीएस संधू से मुलाकात, स्लम पुनर्वास नीति और 74 डॉक्टरों के तबादले पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 22 जून 2026 को उपराज्यपाल टीएस संधू से मुलाकात की और राजधानी में शासन, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब केंद्रीय स्तर पर दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा था और जेल चिकित्सा सेवाओं में बड़े फेरबदल का प्रस्ताव भी सामने आया था।
स्लम पुनर्वास नीति-2026 को अंतिम रूप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में 'दिल्ली स्लम और झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026' को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस नीति के तहत दिल्ली के जेजे क्लस्टर्स में रहने वाले लाखों परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
दिल्ली के गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने इसे एक ऐतिहासिक निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि विकसित भारत की राजधानी के रूप में दिल्ली को आगे बढ़ाया जा सके।
1 जनवरी 2027 तक घर देने का लक्ष्य
मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि 1 जनवरी 2027 तक झुग्गियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्का घर उपलब्ध कराया जाए, जहाँ वे वर्तमान में निवास कर रहे हैं। यह नीति इन-सीटू पुनर्वास के सिद्धांत पर आधारित है, जो विस्थापन की पुरानी समस्या को दूर करने का प्रयास करती है। गौरतलब है कि दिल्ली में दशकों से झुग्गी निवासियों का पुनर्वास एक राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती रही है।
74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में उपराज्यपाल टीएस संधू को कुल 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश भेजी है। इनमें वे 39 डॉक्टर शामिल हैं जो 5 वर्ष या उससे अधिक समय से तिहाड़ और मंडोली जेलों में तैनात हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सूची में स्पेशलिस्ट डॉक्टर और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) दोनों शामिल हैं। बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि इनमें से कई डॉक्टर 2014 से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं और उनका कार्यकाल 11 वर्ष से अधिक हो चुका है। प्रस्ताव में इन डॉक्टरों की जगह लगभग 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती की बात भी शामिल है।
बैठक का व्यापक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब दिल्ली सरकार एक साथ कई प्रशासनिक मोर्चों पर सक्रिय है — आवास नीति से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के पुनर्गठन तक। एलजी और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय दिल्ली के विशेष प्रशासनिक ढाँचे में हमेशा से केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है, जहाँ कई नीतिगत निर्णयों के लिए दोनों की सहमति आवश्यक होती है।
आगे क्या होगा
स्लम पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन की रूपरेखा और डॉक्टरों के तबादले पर उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद अगले कदमों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार की इन दोनों पहलों पर आने वाले हफ्तों में विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की संभावना है।