10 अगस्त 2026
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दिल्ली CM रेखा गुप्ता की LG टीएस संधू से मुलाकात, स्लम पुनर्वास नीति और 74 डॉक्टरों के तबादले पर चर्चा

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दिल्ली CM रेखा गुप्ता की LG टीएस संधू से मुलाकात, स्लम पुनर्वास नीति और 74 डॉक्टरों के तबादले पर चर्चा

सारांश

दिल्ली CM रेखा गुप्ता और LG टीएस संधू की बैठक में दो अहम मुद्दे केंद्र में रहे — 1 जनवरी 2027 तक झुग्गी निवासियों को इन-सीटू आवास देने की नीति और तिहाड़-मंडोली जेलों में 11 साल से जमे 39 समेत कुल 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले का प्रस्ताव।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 22 जून 2026 को LG टीएस संधू से मुलाकात कर शासन और जनकल्याण पर चर्चा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 'दिल्ली स्लम और JJ क्लस्टर पुनर्वास नीति-2026' को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य 1 जनवरी 2027 तक झुग्गी निवासियों को उसी स्थान पर पक्का घर देना है।
CM ने 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश LG को भेजी, जिनमें 5 साल से अधिक समय से तिहाड़ व मंडोली जेल में तैनात 39 डॉक्टर शामिल हैं।
कई डॉक्टर 2014 से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं; कार्यकाल 11 वर्ष से अधिक ।
प्रस्ताव में इनकी जगह लगभग 35 नए डॉक्टरों की तैनाती का भी उल्लेख है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 22 जून 2026 को उपराज्यपाल टीएस संधू से मुलाकात की और राजधानी में शासन, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब केंद्रीय स्तर पर दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा था और जेल चिकित्सा सेवाओं में बड़े फेरबदल का प्रस्ताव भी सामने आया था।

स्लम पुनर्वास नीति-2026 को अंतिम रूप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में 'दिल्ली स्लम और झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026' को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस नीति के तहत दिल्ली के जेजे क्लस्टर्स में रहने वाले लाखों परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

दिल्ली के गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने इसे एक ऐतिहासिक निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि विकसित भारत की राजधानी के रूप में दिल्ली को आगे बढ़ाया जा सके।

1 जनवरी 2027 तक घर देने का लक्ष्य

मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि 1 जनवरी 2027 तक झुग्गियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्का घर उपलब्ध कराया जाए, जहाँ वे वर्तमान में निवास कर रहे हैं। यह नीति इन-सीटू पुनर्वास के सिद्धांत पर आधारित है, जो विस्थापन की पुरानी समस्या को दूर करने का प्रयास करती है। गौरतलब है कि दिल्ली में दशकों से झुग्गी निवासियों का पुनर्वास एक राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती रही है।

74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में उपराज्यपाल टीएस संधू को कुल 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश भेजी है। इनमें वे 39 डॉक्टर शामिल हैं जो 5 वर्ष या उससे अधिक समय से तिहाड़ और मंडोली जेलों में तैनात हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सूची में स्पेशलिस्ट डॉक्टर और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) दोनों शामिल हैं। बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि इनमें से कई डॉक्टर 2014 से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं और उनका कार्यकाल 11 वर्ष से अधिक हो चुका है। प्रस्ताव में इन डॉक्टरों की जगह लगभग 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती की बात भी शामिल है।

बैठक का व्यापक संदर्भ

यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब दिल्ली सरकार एक साथ कई प्रशासनिक मोर्चों पर सक्रिय है — आवास नीति से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के पुनर्गठन तक। एलजी और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय दिल्ली के विशेष प्रशासनिक ढाँचे में हमेशा से केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है, जहाँ कई नीतिगत निर्णयों के लिए दोनों की सहमति आवश्यक होती है।

आगे क्या होगा

स्लम पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन की रूपरेखा और डॉक्टरों के तबादले पर उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद अगले कदमों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार की इन दोनों पहलों पर आने वाले हफ्तों में विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ जेल स्वास्थ्य सेवाओं में दशकों से जमे ढाँचे को तोड़ने की कोशिश। 1 जनवरी 2027 की समयसीमा राजनीतिक दृष्टि से आकर्षक है, लेकिन दिल्ली में इन-सीटू पुनर्वास परियोजनाएँ अतीत में भूमि विवाद और वित्त पोषण की अड़चनों से बाधित होती रही हैं। डॉक्टरों के तबादले का मामला प्रशासनिक स्वच्छता की दृष्टि से सकारात्मक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि नए डॉक्टरों की तैनाती जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाती है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली CM रेखा गुप्ता और LG टीएस संधू की बैठक में क्या हुआ?
22 जून 2026 को हुई इस बैठक में दिल्ली में शासन, विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में स्लम पुनर्वास नीति-2026 और 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दिल्ली स्लम पुनर्वास नीति-2026 क्या है?
यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में तैयार की जा रही नीति है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के JJ क्लस्टर्स में रहने वाले लाखों परिवारों को उसी स्थान पर सम्मानजनक पक्का आवास देना है। सरकार ने 1 जनवरी 2027 तक यह लक्ष्य पूरा करने की बात कही है।
तिहाड़ और मंडोली जेल के डॉक्टरों का तबादला क्यों किया जा रहा है?
CM रेखा गुप्ता ने LG को 74 डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश इसलिए भेजी है क्योंकि इनमें से 39 डॉक्टर 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह तैनात हैं और कई 2014 से, यानी 11 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं। प्रशासनिक पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
74 डॉक्टरों के तबादले के प्रस्ताव में क्या शामिल है?
प्रस्ताव में तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात 39 डॉक्टरों सहित कुल 74 डॉक्टरों का स्थानांतरण शामिल है। इनमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) दोनों हैं, और इनकी जगह लगभग 35 नए डॉक्टरों की तैनाती का प्रस्ताव भी है।
दिल्ली में एलजी और मुख्यमंत्री की बैठक का क्या महत्व है?
दिल्ली के विशेष प्रशासनिक ढाँचे में कई नीतिगत निर्णयों के लिए उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों की सहमति आवश्यक होती है। इसलिए इस तरह की बैठकें नीतियों के क्रियान्वयन में समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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