दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश की, तिहाड़-मंडोली के 39 डॉक्टर शामिल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को उपराज्यपाल टीएस संधू को 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की औपचारिक सिफारिश भेजी। इनमें तिहाड़ और मंडोली जेलों में 5 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 39 डॉक्टर शामिल हैं। सरकार के अनुसार यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रशासनिक क्षमता को सुदृढ़ करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
तबादले का दायरा और संरचना
आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रस्तावित सूची में विशेषज्ञ चिकित्सक (स्पेशलिस्ट डॉक्टर) और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) दोनों शामिल हैं। इनमें से कई डॉक्टर 2014 से एक ही स्थान पर तैनात हैं और उनका कार्यकाल 11 वर्ष से अधिक हो चुका है। प्रस्ताव में इन डॉक्टरों के स्थान पर लगभग 35 अन्य चिकित्सकों की तैनाती की योजना भी शामिल है।
प्रशासनिक सुधार की व्यापक पृष्ठभूमि
यह सिफारिश ऐसे समय में आई है जब दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन प्रबंधन की व्यापक समीक्षा कर रही है। इससे पहले, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में भी बड़े पैमाने पर पुनर्गठन किया गया था, जिसके तहत 40 से अधिक मेडिकल, पैरामेडिकल और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला हुआ। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी प्रशासनिक फेरबदल कार्रवाई है जो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में की गई है।
मुख्यमंत्री का पक्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक इकाई को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जन-कल्याण केंद्रित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'प्रशासनिक सुधार, संसाधनों का संतुलित उपयोग और जवाबदेही की संस्कृति' स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने के तीन आधारस्तंभ हैं।
जेल अस्पतालों में दीर्घकालिक तैनाती पर सवाल
तिहाड़ और मंडोली जैसी बड़ी जेलों में डॉक्टरों की एक ही स्थान पर लंबी तैनाती प्रशासनिक दृष्टि से चिंता का विषय रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रोटेशन से न केवल संस्थागत जड़ता टूटती है, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कौशल और अनुभव का समान वितरण भी सुनिश्चित होता है।
आगे की राह
उपराज्यपाल टीएस संधू की मंजूरी के बाद ही तबादले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से अनुभवी चिकित्सा अधिकारियों को भी जेल स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात किए जाने की योजना है। यह कदम दिल्ली के सरकारी स्वास्थ्य ढाँचे में मानव संसाधन नीति को नया आकार देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।