क्या दिल्ली के चार अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के 4002 पदों के सृजन को मंजूरी मिली?

Click to start listening
क्या दिल्ली के चार अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के 4002 पदों के सृजन को मंजूरी मिली?

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चार सरकारी अस्पतालों में 4002 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है, जिससे चिकित्सा सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह निर्णय रोगी देखभाल को बेहतर बनाने और डॉक्टरों के बोझ को कम करने में सहायक होगा। जानें इस फैसले के पीछे की वजहें और इसके संभावित प्रभाव।

Key Takeaways

  • दिल्ली में चार सरकारी अस्पतालों में 4002 नए पदों का सृजन।
  • चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • पदों का सृजन डॉक्टरों के बोझ को कम करेगा।
  • 408 करोड़ रुपए का वित्तीय व्यय होगा।
  • यह निर्णय दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की सिफारिश पर 4 सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा/पैरामेडिकल स्टाफ के 4002 पदों के सृजन को मंजूरी दी है।

गुरुगोबिंद सिंह अस्पताल (रघुबीर नगर), अंबेडकर नगर अस्पताल (दक्षिणपुरी), संत दुर्बल नाथ जी ट्रॉमा सेंटर (संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, मंगोलपुरी), और श्री दादा देव मैत्री एवं शिशु चिकित्सालय (द्वारका) जैसे अस्पतालों में 1515 बेड की वृद्धि के बाद सर्जन, वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर, विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स, नर्सिंग अटेंडेंट, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारी, लिपिकीय और सुरक्षा कर्मचारियों सहित इन पदों की आवश्यकता उत्पन्न हुई।

पदों के सृजन से रोगी देखभाल और सेवा में सुधार होगा, डॉक्टरों का बोझ कम होगा, भर्ती प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी, और सरकारी अस्पतालों का समग्र कामकाज बेहतर होगा। चूंकि ये चारों अस्पताल राजधानी के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं, इसलिए इससे जीटीबी, लोक नायक, जीबी पंत, और मध्य दिल्ली के अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों पर भी बोझ कम होगा।

गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (जीएनसीटीडी) के स्वास्थ्य विभाग ने इन सरकारी अस्पतालों में विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा था, जहां नए ब्लॉक बनाए गए थे और अतिरिक्त बेड चालू किए गए थे, लेकिन बढ़ी हुई क्षमता को संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों का कोई प्रावधान नहीं था। प्रशासनिक सुधार विभाग और वित्त विभाग द्वारा समीक्षा के बाद उपराज्यपाल ने 4002 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिनमें से 3031 पद स्थायी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे, जबकि शेष 971 पद आउटसोर्स किए जाएंगे।

संजय गांधी अस्पताल के संत दुर्बल नाथ जी ट्रॉमा सेंटर में अधिकतम 1737 पदों का सृजन किया गया है, जहां 362 बेड्स वाले नए ट्रॉमा ब्लॉक का संचालन और उद्घाटन 17 सितंबर 2025 को किया गया था। इसी प्रकार, अंबेडकर नगर अस्पताल में 400 बेड्स की वृद्धि के लिए 666 अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया है। गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में 472 नए बेड्स जोड़े गए हैं, जहां 1491 अतिरिक्त पदों का सृजन होगा, जबकि श्री दादा देव मैत्री एवं शिशु चिकित्सालय में आगामी दिनों में 281 अतिरिक्त बेड्स की क्षमता की आवश्यकता को पूरा करने के लिए 520 अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया है। इन 4002 अतिरिक्त पदों के सृजन पर लगभग 408 करोड़ रुपए का वित्तीय व्यय होगा, जिसके लिए सरकार ने पहले ही पर्याप्त प्रावधान कर दिया है।

यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि बिस्तरों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के बावजूद, ये अस्पताल तत्कालीन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी सरकार की घोर निष्क्रियता और दूरदर्शिता की कमी के कारण पूरी तरह से चालू नहीं हो सके, जिसने इन अस्पतालों में आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की कभी परवाह नहीं की।

Point of View

जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा बल्कि रोगी देखभाल के स्तर को भी बढ़ाएगा। यह आवश्यक है कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में संसाधनों और कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे, जिससे सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली के चार अस्पतालों में कितने पद बनाए गए हैं?
दिल्ली के चार अस्पतालों में कुल 4002 पदों का सृजन किया गया है।
ये पद किस प्रकार के कर्मचारियों के लिए हैं?
ये पद डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों के लिए हैं।
इन पदों के सृजन का उद्देश्य क्या है?
इन पदों का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं में सुधार करना और डॉक्टरों का बोझ कम करना है।
इन पदों का वित्तीय व्यय कितना होगा?
इन 4002 पदों के सृजन पर लगभग 408 करोड़ रुपए का वित्तीय व्यय होगा।
इन नए पदों का प्रभावित क्षेत्र कौन सा है?
इन नए पदों का प्रभावित क्षेत्र दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पताल हैं।
Nation Press