11 अगस्त 2026
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दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, PWD से DTC तक अनियमितताओं का खुलासा

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दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, PWD से DTC तक अनियमितताओं का खुलासा

सारांश

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कैग की दो रिपोर्टें सदन में रखीं — जिनमें 2022-23 के दौरान स्टाम्प ड्यूटी, डीटीसी, जल बोर्ड और अस्पतालों में राजस्व हानि व अनियमितताएं दर्ज हैं। अब लोक लेखा समिति इन पर आगे की कार्रवाई करेगी।

मुख्य बातें

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को सदन में कैग रिपोर्ट पर विस्तृत वक्तव्य दिया।
कैग रिपोर्ट संख्या-1 में वर्ष 2022-23 के दौरान स्टाम्प ड्यूटी , डीएसएसएसबी , जीटीबी अस्पताल , PWD , डीटीसी और दिल्ली जल बोर्ड में अनियमितताएं दर्ज।
राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिपोर्ट संख्या-2 (वर्ष 2026) — 2024-25 के वित्त से संबंधित — पर भी सदन में चर्चा हुई।
दोनों रिपोर्टें एक्शन टेकन रिपोर्ट के लिए संबंधित विभागों को अग्रेषित की जा रही हैं।
लोक लेखा समिति इन टिप्पणियों पर आगे की जाँच करेगी।
मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने दोनों रिपोर्टें सदन के पटल पर प्रस्तुत कीं।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को सदन में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के संबंध में विस्तृत वक्तव्य दिया। कैग रिपोर्ट संख्या-1 में वर्ष 2022-23 के दौरान दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में राजस्व हानि, अनावश्यक व्यय और प्रशासनिक अनियमितताओं को दर्ज किया गया है। यह वक्तव्य मानसून सत्र के उस निर्णय के अनुक्रम में आया जिसमें कैग की दो रिपोर्टें और दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से जुड़ी एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखने पर सहमति बनी थी।

रिपोर्ट में क्या-क्या शामिल है

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि कैग रिपोर्ट संख्या-1 (वर्ष 2026) में मुख्य रूप से 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि से संबंधित लेखा-परीक्षा निष्कर्ष शामिल हैं। इनमें स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में राजस्व की हानि, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) द्वारा किया गया अनावश्यक व्यय तथा विद्युत क्षेत्र में सब्सिडी नीति पर टिप्पणियाँ प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में जीटीबी अस्पताल से संबंधित भुगतान, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) में पाई गई अनियमितताएं, ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली में कमियाँ, लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े विषय, एलएनजेपी अस्पताल के नए ब्लॉक का निर्माण, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) तथा दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित मामले भी दर्ज हैं।

दूसरी रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई

सदन में राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिपोर्ट संख्या-2 (वर्ष 2026) — जो वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त से संबंधित है — पर भी चर्चा की गई। स्पीकर ने जानकारी दी कि दोनों रिपोर्टें अब संबंधित विभागों को अग्रेषित की जा रही हैं, ताकि एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) यथाशीघ्र प्राप्त हो सके। इन टिप्पणियों पर लोक लेखा समिति द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का निर्णय

गौरतलब है कि इससे पूर्व विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया था कि मानसून सत्र के दौरान कैग की दोनों रिपोर्टें तथा डीईआरसी से संबंधित अधिसूचना सदन के पटल पर रखी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी दल पिछली सरकार के कार्यकाल की वित्तीय जवाबदेही पर ज़ोर दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की भूमिका

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पहले बताया था कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन के पटल पर दोनों कैग रिपोर्टें औपचारिक रूप से प्रस्तुत करेंगी। रिपोर्टों के विधानसभा में पेश होने के बाद अब लोक लेखा समिति की भूमिका निर्णायक होगी, जो प्रत्येक विभाग के उत्तर और सुधारात्मक कदमों की जाँच करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा एक्शन टेकन रिपोर्ट की गुणवत्ता होगी — जो अक्सर देर से आती है और सतही जवाबों से भरी होती है। दिल्ली में पिछले वर्षों के कैग निष्कर्ष भी विधानसभा में पेश हुए थे, पर लोक लेखा समिति की सुनवाइयाँ अनिश्चित काल तक खिंचती रहीं। स्टाम्प ड्यूटी से लेकर अस्पताल भुगतान तक की अनियमितताएं बताती हैं कि समस्या किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि व्यवस्थागत निगरानी की कमी की है। बिना समयबद्ध जवाबदेही तंत्र के, ये रिपोर्टें महज संसदीय रिकॉर्ड बनकर रह जाने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट में क्या है?
कैग रिपोर्ट संख्या-1 (वर्ष 2026) में 2022-23 के दौरान दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों — जिनमें स्टाम्प ड्यूटी, डीएसएसएसबी, जीटीबी अस्पताल, PWD, डीटीसी और दिल्ली जल बोर्ड शामिल हैं — में राजस्व हानि, अनावश्यक व्यय और अनियमितताएं दर्ज हैं। रिपोर्ट संख्या-2 वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त से संबंधित है।
कैग रिपोर्ट पर आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों रिपोर्टें संबंधित विभागों को एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) के लिए भेजी जा रही हैं। इसके बाद लोक लेखा समिति इन टिप्पणियों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई करेगी।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन में क्या कहा?
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि कैग रिपोर्ट संख्या-1 में 2022-23 की लेखा-परीक्षा टिप्पणियाँ शामिल हैं और दोनों रिपोर्टें विभागों को ATR के लिए अग्रेषित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने सर्वसम्मति से इन्हें मानसून सत्र में पेश करने का निर्णय लिया था।
दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट कौन प्रस्तुत करता है?
मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने सदन के पटल पर दोनों कैग रिपोर्टें औपचारिक रूप से प्रस्तुत कीं। इसके बाद स्पीकर ने रिपोर्ट की विषय-वस्तु पर विस्तृत वक्तव्य दिया।
डीईआरसी अधिसूचना का इस सत्र से क्या संबंध है?
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के निर्णय के अनुसार कैग की दो रिपोर्टों के साथ-साथ दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से संबंधित एक अधिसूचना भी मानसून सत्र में सदन के पटल पर रखी जानी थी। इसका संबंध विद्युत क्षेत्र में सब्सिडी नीति से जुड़ी कैग टिप्पणियों से है।
राष्ट्र प्रेस
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