दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, PWD से DTC तक अनियमितताओं का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को सदन में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के संबंध में विस्तृत वक्तव्य दिया। कैग रिपोर्ट संख्या-1 में वर्ष 2022-23 के दौरान दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में राजस्व हानि, अनावश्यक व्यय और प्रशासनिक अनियमितताओं को दर्ज किया गया है। यह वक्तव्य मानसून सत्र के उस निर्णय के अनुक्रम में आया जिसमें कैग की दो रिपोर्टें और दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से जुड़ी एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखने पर सहमति बनी थी।
रिपोर्ट में क्या-क्या शामिल है
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि कैग रिपोर्ट संख्या-1 (वर्ष 2026) में मुख्य रूप से 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि से संबंधित लेखा-परीक्षा निष्कर्ष शामिल हैं। इनमें स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में राजस्व की हानि, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) द्वारा किया गया अनावश्यक व्यय तथा विद्युत क्षेत्र में सब्सिडी नीति पर टिप्पणियाँ प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में जीटीबी अस्पताल से संबंधित भुगतान, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) में पाई गई अनियमितताएं, ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली में कमियाँ, लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े विषय, एलएनजेपी अस्पताल के नए ब्लॉक का निर्माण, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) तथा दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित मामले भी दर्ज हैं।
दूसरी रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई
सदन में राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिपोर्ट संख्या-2 (वर्ष 2026) — जो वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त से संबंधित है — पर भी चर्चा की गई। स्पीकर ने जानकारी दी कि दोनों रिपोर्टें अब संबंधित विभागों को अग्रेषित की जा रही हैं, ताकि एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) यथाशीघ्र प्राप्त हो सके। इन टिप्पणियों पर लोक लेखा समिति द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का निर्णय
गौरतलब है कि इससे पूर्व विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया था कि मानसून सत्र के दौरान कैग की दोनों रिपोर्टें तथा डीईआरसी से संबंधित अधिसूचना सदन के पटल पर रखी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी दल पिछली सरकार के कार्यकाल की वित्तीय जवाबदेही पर ज़ोर दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की भूमिका
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पहले बताया था कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन के पटल पर दोनों कैग रिपोर्टें औपचारिक रूप से प्रस्तुत करेंगी। रिपोर्टों के विधानसभा में पेश होने के बाद अब लोक लेखा समिति की भूमिका निर्णायक होगी, जो प्रत्येक विभाग के उत्तर और सुधारात्मक कदमों की जाँच करेगी।