सीएजी रिपोर्ट पर BJP का केजरीवाल पर हमला: ₹30,000–35,000 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे आरोप लगाए। BJP नेताओं का कहना है कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 2023 की रिपोर्ट ने उन दावों की पोल खोल दी है जिनमें AAP नेता खुद को 'कट्टर ईमानदार' बताते थे।
मुख्य आरोप और आँकड़े
दिल्ली सरकार के मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने दावा किया कि CAG रिपोर्ट के ज़रिए पिछली AAP सरकार पर ₹30,000 करोड़ से ₹35,000 करोड़ तक के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देशभर की जनता को पिछली सरकार का असली चेहरा पता होना चाहिए।
इससे पहले दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि अब तक सामने आई 24 CAG रिपोर्टों में करीब ₹15,000 करोड़ की अनियमितताएँ और कथित घोटाले उजागर हुए हैं। वर्मा ने जीएसटी बकाया, ई-वे बिल, बिजली सब्सिडी, मैनुअल टेंडर, दिल्ली जल बोर्ड की जेई भर्ती और LNJP अस्पताल की लागत जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से सवाल उठाए थे।
डिप्टी स्पीकर बिष्ट का बयान
दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और BJP विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, 'CAG की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछली सरकारों ने कैसे घोटाले किए और किस तरह का भ्रष्टाचार हुआ। जो लोग खुद को कट्टर ईमानदार कहते थे, उन्होंने असल में क्या किया, यह CAG की रिपोर्ट में सामने आया है।'
बिष्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस चर्चा का मकसद केवल जनता को सच्चाई से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि CAG रिपोर्ट पर विधानसभा में होने वाली चर्चा में किसी को सीधे दंड देने का प्रावधान नहीं है, लेकिन यह संदेश ज़रूर जाना चाहिए कि पिछली सरकारें घोटालों से जुड़ी रहीं।
BJP विधायक शिखा रॉय की माँग
BJP विधायक शिखा रॉय ने माँग की कि CAG रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब ये सभी बातें CAG रिपोर्ट में सामने आएँगी, तो हम माँग करेंगे कि इसे पब्लिक अकाउंट्स कमेटी को भेजा जाए और इस पर एक उचित रिपोर्ट तैयार की जाए।' रॉय ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने दिल्ली की जनता के पैसों का दुरुपयोग किया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब AAP 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP से हार के बाद विपक्ष में है। CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद से BJP लगातार इसे AAP के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे की राह
BJP विधायकों ने संकेत दिया है कि वे CAG रिपोर्ट के सभी बिंदुओं को विधानसभा में उठाएँगे और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के ज़रिए विस्तृत जाँच की माँग करेंगे। यह देखना होगा कि AAP इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और क्या इस मामले में कोई औपचारिक जाँच प्रक्रिया शुरू होती है।