केजरीवाल का दावा: 2026 में भारत प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पिछड़ा, मोदी सरकार पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए दावा किया कि भारत प्रति व्यक्ति आय के मामले में अब बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। केजरीवाल के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,900 डॉलर तक पहुँच चुकी है।
केजरीवाल के दावे और आँकड़े
केजरीवाल ने वर्ष 2014 के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,600 डॉलर थी, जबकि बांग्लादेश की मात्र 1,100 डॉलर थी। उनके अनुसार, बारह वर्षों में स्थिति पलट गई है और बांग्लादेश भारत से आगे निकल गया है।
उन्होंने वर्ष 2025 के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए विकसित देशों से तुलना भी की। केजरीवाल के मुताबिक, स्विट्जरलैंड की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,15,000 डॉलर, सिंगापुर की लगभग 99,000 डॉलर और अमेरिका की लगभग 90,000 डॉलर है।
मोदी सरकार पर सीधा हमला
AAP संयोजक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने आर्थिक विकास की उम्मीद के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता सौंपी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 12 वर्षों बाद भी देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कथित भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जनता को जिस आर्थिक बदलाव की उम्मीद थी, वह दिखाई नहीं दे रहा।
राजनीतिक संदर्भ और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। प्रति व्यक्ति आय की तुलना अर्थशास्त्रियों के बीच भी बहस का विषय रही है, क्योंकि यह आँकड़ा जनसंख्या आकार, क्रय शक्ति समता (PPP) और मापन पद्धति के आधार पर भिन्न हो सकता है।
आलोचकों का कहना है कि केवल नाममात्र प्रति व्यक्ति आय की तुलना समग्र आर्थिक तस्वीर नहीं दिखाती, क्योंकि भारत और बांग्लादेश की जनसंख्या, संरचना और विकास के स्तर में बड़ा अंतर है। हालाँकि, केजरीवाल ने इन आँकड़ों को केंद्र सरकार की आर्थिक विफलता का प्रमाण बताया।
आगे क्या होगा
केजरीवाल के इस बयान पर केंद्र सरकार या BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह बयान आगामी राजनीतिक बहस में आर्थिक प्रदर्शन को केंद्र में लाने की AAP की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।