13 जुलाई 2026
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केजरीवाल का आरोप: AAP कार्यकर्ताओं को IB की फोन कॉल, किस कानून के तहत — सवाल उठाया

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केजरीवाल का आरोप: AAP कार्यकर्ताओं को IB की फोन कॉल, किस कानून के तहत — सवाल उठाया

सारांश

केजरीवाल का दावा है कि IB उनके कार्यकर्ताओं को फोन कर रही है — और जब उन्होंने खुद कानूनी आधार पूछा, तो कॉल काट दी गई। यह आरोप नागरिक स्वतंत्रता और सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 28 मई 2026 को एक्स पर आरोप लगाया कि IB AAP कार्यकर्ताओं को फोन कर वेरिफिकेशन कर रही है।
केजरीवाल ने स्वयं उस नंबर पर कॉल की; कानूनी आधार पूछने पर कथित तौर पर कॉल काट दी गई।
विशेष चिंता उन कार्यकर्ताओं को लेकर है जो एक राज्य से दूसरे राज्य काम के लिए जाते हैं।
केजरीवाल ने गुजरात में IB कार्यालय जाकर सीधे जवाब माँगने की चेतावनी दी।
IB और केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 28 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की ओर से फोन कॉल कर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। केजरीवाल ने इस प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर सीधे सवाल उठाते हुए माँग की कि IB स्पष्ट करे कि किस अधिकार के तहत ये कॉल्स की जा रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम

केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं उस नंबर पर कॉल की और पूछा कि क्या कॉल करने वाला व्यक्ति IB से है — जिस पर कथित तौर पर सकारात्मक जवाब मिला। जैसे ही उन्होंने कानूनी आधार पूछा, कॉल काट दी गई और उसके बाद उस नंबर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को लगातार इस तरह की कॉल्स आ रही हैं, विशेष रूप से तब जब कोई कार्यकर्ता एक राज्य से दूसरे राज्य में काम के सिलसिले में जाता है।

केजरीवाल की माँगें

केजरीवाल ने IB से तीन बिंदुओं पर जवाब माँगा है — पहला, क्या वह नंबर वास्तव में IB का है; दूसरा, किस कानून के तहत यह वेरिफिकेशन हो रही है; और तीसरा, किसी नागरिक के एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर इस प्रक्रिया की क्या आवश्यकता है।

उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि भविष्य में ऐसी कोई भी कॉल आए तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि जनता के सामने पूरी तस्वीर आ सके।

गुजरात IB कार्यालय जाने की चेतावनी

केजरीवाल ने कहा कि अगली बार जब वे गुजरात जाएँगे, तो स्वयं IB कार्यालय पहुँचकर इस मामले पर जवाब माँगेंगे। यह बयान उनके आक्रामक रुख को दर्शाता है और संकेत देता है कि AAP इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी।

नागरिक अधिकारों पर व्यापक सवाल

केजरीवाल ने इस मामले को पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सरकारी एजेंसियों के बीच तनाव पहले से ही राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।

इस मामले पर IB या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस विवाद को लेकर बहस तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न पुष्टि। लेकिन असली मुद्दा यह है कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की 'रूटीन वेरिफिकेशन' और 'राजनीतिक निगरानी' के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए, यह भारत में कभी स्पष्ट नहीं रही। जब कानूनी आधार पूछने पर कॉल काट दी जाती है, तो पारदर्शिता का सवाल और गहरा हो जाता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे सिर्फ AAP बनाम केंद्र की लड़ाई के रूप में देख रही है — जबकि यह किसी भी नागरिक और किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता के लिए प्रासंगिक संवैधानिक प्रश्न है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने IB पर क्या आरोप लगाया है?
केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) उनके AAP कार्यकर्ताओं को फोन कर वेरिफिकेशन कर रही है, खासकर तब जब कोई कार्यकर्ता एक राज्य से दूसरे राज्य जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं बताया गया।
केजरीवाल ने खुद IB नंबर पर कॉल करने पर क्या हुआ?
केजरीवाल के अनुसार, उन्होंने उस नंबर पर कॉल की और कॉल करने वाले ने IB से होने की पुष्टि की। जैसे ही उन्होंने कानूनी आधार पूछा, कथित तौर पर कॉल काट दी गई और उसके बाद उस नंबर से कोई जवाब नहीं मिला।
केजरीवाल ने IB से क्या माँगें रखी हैं?
केजरीवाल ने माँग की है कि IB स्पष्ट करे कि वह नंबर उनका है या नहीं, किस कानून के तहत यह वेरिफिकेशन हो रही है, और एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले नागरिकों पर यह प्रक्रिया क्यों लागू होती है।
क्या IB या केंद्र सरकार ने इस पर कोई जवाब दिया है?
28 मई 2026 तक IB या केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अभी तक केजरीवाल के एकतरफा आरोप के रूप में सामने है।
केजरीवाल ने अपने कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिया?
केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भविष्य में ऐसी कोई भी कॉल आए तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। उन्होंने यह भी कहा कि वे अगली गुजरात यात्रा के दौरान IB कार्यालय जाकर सीधे जवाब माँगेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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