केजरीवाल का आरोप: AAP कार्यकर्ताओं को IB की फोन कॉल, किस कानून के तहत — सवाल उठाया
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 28 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की ओर से फोन कॉल कर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। केजरीवाल ने इस प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर सीधे सवाल उठाते हुए माँग की कि IB स्पष्ट करे कि किस अधिकार के तहत ये कॉल्स की जा रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं उस नंबर पर कॉल की और पूछा कि क्या कॉल करने वाला व्यक्ति IB से है — जिस पर कथित तौर पर सकारात्मक जवाब मिला। जैसे ही उन्होंने कानूनी आधार पूछा, कॉल काट दी गई और उसके बाद उस नंबर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को लगातार इस तरह की कॉल्स आ रही हैं, विशेष रूप से तब जब कोई कार्यकर्ता एक राज्य से दूसरे राज्य में काम के सिलसिले में जाता है।
केजरीवाल की माँगें
केजरीवाल ने IB से तीन बिंदुओं पर जवाब माँगा है — पहला, क्या वह नंबर वास्तव में IB का है; दूसरा, किस कानून के तहत यह वेरिफिकेशन हो रही है; और तीसरा, किसी नागरिक के एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर इस प्रक्रिया की क्या आवश्यकता है।
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि भविष्य में ऐसी कोई भी कॉल आए तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि जनता के सामने पूरी तस्वीर आ सके।
गुजरात IB कार्यालय जाने की चेतावनी
केजरीवाल ने कहा कि अगली बार जब वे गुजरात जाएँगे, तो स्वयं IB कार्यालय पहुँचकर इस मामले पर जवाब माँगेंगे। यह बयान उनके आक्रामक रुख को दर्शाता है और संकेत देता है कि AAP इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी।
नागरिक अधिकारों पर व्यापक सवाल
केजरीवाल ने इस मामले को पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सरकारी एजेंसियों के बीच तनाव पहले से ही राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।
इस मामले पर IB या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस विवाद को लेकर बहस तेज हो गई है।