वडोदरा में 'आप' जिलाध्यक्ष अशोक ओझा गिरफ्तार, IB अफसर बनकर अपने ही कार्यकर्ता को दी धमकी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के वडोदरा में आम आदमी पार्टी (AAP) के जिला अध्यक्ष अशोक ओझा और उनके सहयोगी नितिन डोबरिया को 30 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने खुद को केंद्रीय खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताकर पार्टी के ही कार्यकर्ता केशवजी चौहान को धमकियाँ दीं। पुलिस जाँच में यह पूरा मामला AAP की आंतरिक गुटबाजी का नतीजा निकला।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 28 मई को AAP नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि IB के नाम से पार्टी कार्यकर्ताओं को 'वेरिफिकेशन' के लिए फोन आ रहे हैं। इस पोस्ट पर संज्ञान लेकर पुलिस ने गहन जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि अशोक ओझा को अपने ही कार्यकर्ता केशवजी चौहान से आंतरिक खतरा महसूस हो रहा था, और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए IB अधिकारी का फर्जी स्वांग रचा गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
केजरीवाल का एक्स पोस्ट और पलटवार
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस मामले को गंभीर बताया था। उन्होंने लिखा था, 'यह बहुत संगीन मामला है। मैंने इस नंबर पे फोन किया। पूछा कि क्या आप आईबी से बोल रहे हैं। उसने कहा — हाँ। मैंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूँ। आप किस कानून में वेरिफिकेशन कर रहे हो। उसने फोन काट दिया।' केजरीवाल ने यह भी कहा था कि वे अगली बार गुजरात जाने पर स्वयं IB कार्यालय जाएँगे। हालाँकि पुलिस जाँच ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिस 'उत्पीड़न' का ज़िक्र केजरीवाल ने किया, वह दरअसल उनकी अपनी पार्टी के नेताओं की साजिश थी।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता तजिंदर बग्गा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'एक और दिन, केजरीवाल का एक और झूठ बेनकाब। केजरीवाल ने दावा किया था कि गुजरात में उनके कार्यकर्ताओं को आईबी वेरिफिकेशन के लिए कॉल आ रहे हैं, और उन्होंने दहशत फैलाने की कोशिश की। लेकिन गुजरात पुलिस ने इस पूरे नाटक का पर्दाफाश कर दिया। नकली विक्टिमहुड, नकली प्रोपेगेंडा, नकली राजनीति — एक ही कहानी में केजरीवाल मॉडल।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब AAP गुजरात में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आम आदमी पार्टी की आंतरिक स्थिति
यह मामला AAP की आंतरिक गुटबाजी को उजागर करता है। पार्टी के एक जिलाध्यक्ष का अपने ही कार्यकर्ता के खिलाफ फर्जी एजेंसी का भय दिखाकर षड्यंत्र रचना संगठनात्मक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिना तथ्य जाँचे इसे केंद्र सरकार की कार्रवाई के रूप में सोशल मीडिया पर प्रचारित कर दिया।
क्या होगा आगे
दोनों गिरफ्तार आरोपी अशोक ओझा और नितिन डोबरिया फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। BNS और IT अधिनियम के तहत दर्ज FIR में धोखाधड़ी और प्रतिरूपण संबंधी गंभीर धाराएँ शामिल हैं। मामले की आगे की जाँच जारी है।