फर्जी आईबी कॉल मामला: आप नेता अशोक ओझा बोले — 'मुझे फंसाया जा रहा है', पुलिस के सभी आरोप नकारे
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अशोक ओझा ने 1 जून 2026 को गुजरात पुलिस के उन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता केशव चौहान के पास फर्जी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) कॉल करवाई थी। गिरफ्तारी के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए ओझा ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है और पुलिस का बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद 28 मई को उस समय सामने आया जब दिल्ली के पूर्व विधायक और AAP नेता दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि गुजरात पुलिस की IB विंग राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रही है। इसके बाद AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस आरोप को सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाया।
इन दावों की जाँच में आनंद साइबर क्राइम पुलिस ने संदिग्ध फोन नंबर का पता लगाया, जो आनंद में रहने वाले एक व्यक्ति का निकला। जाँच के बाद पुलिस ने AAP की वडोदरा शहर इकाई के अध्यक्ष ओझा और नितिन डोबरिया की गिरफ्तारी की।
पुलिस का आरोप क्या है
जाँचकर्ताओं के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता केशव चौहान को एक ऐसे व्यक्ति ने कॉल किया था जिसने खुद को 'करेलीबाग आईबी कार्यालय' से बताया — यह दावा पूरी तरह झूठा था। पुलिस का कहना है कि यह षड्यंत्र पार्टी के भीतर की आपसी प्रतिद्वंद्विता से उपजा था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, ओझा, चौहान को वडोदरा में संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ मिलने के बाद उन्हें अपना राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानने लगे थे और कॉल का मकसद चौहान को डराकर शहर छोड़ने पर मजबूर करना था।
ओझा का पक्ष
ओझा ने अपने बचाव में कहा, 'जो कॉल की गई थी, वह मैंने IB को यह पूछने के लिए की थी कि आपकी क्या आवश्यकता है? हमारे पदाधिकारी केशव चौहान भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर मौजूद थे। मैंने यह फोन इसलिए नहीं किया था कि आप IB से होने का नाटक करके कॉल करें।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में ले जाने के बाद एक महिला अधिकारी ने करीब दो घंटे तक उनसे पूछताछ की, जो कथित कॉल पर नहीं बल्कि पार्टी की संगठनात्मक संरचना और धन स्रोतों पर केंद्रित थी। ओझा के अनुसार, पूछताछ में यह भी पूछा गया कि 24 से 26 मई के दौरान केजरीवाल के वडोदरा प्रवास का खर्च कहाँ से आया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने केजरीवाल पर झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि AAP द्वारा बताया गया फोन नंबर 'आपके अपने आदमी' का था। संघवी ने सवाल उठाया कि केजरीवाल कॉल करने वाले को IB अधिकारी के रूप में क्यों पेश कर रहे हैं।
इसके जवाब में ओझा ने संघवी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'क्या आप लोग हिरासत में लेकर, धमकाकर और झूठे मामले दर्ज करके राजनीति करना चाहते हैं?' उन्होंने पार्टी के भीतर प्रतिद्वंद्विता के आरोप को भी खारिज करते हुए कहा कि वे AAP के निष्ठावान सदस्य हैं।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला आनंद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज है और जाँच जारी है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच यह मामला गुजरात में AAP और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव का नया केंद्र बन गया है। अदालत में अगली सुनवाई और जाँच की दिशा इस विवाद का फैसला करेगी।