केजरीवाल का BJP पर बड़ा हमला: 'लोकतंत्र का अपहरण कर नष्ट किया', पंजाब चुनाव से मोदी सरकार के अंत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 5 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित कपूरथला हाउस में पंजाब के AAP विधायकों को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लोकतंत्र का अपहरण करने और उसे नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की उपस्थिति में दिए गए इस संबोधन में केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में चार साल की सरकार के बावजूद सत्ता समर्थक लहर बनी हुई है।
पंजाब में सत्ता समर्थक लहर का दावा
केजरीवाल ने कहा कि सरकार बने चार साल हो गए हैं और चुनाव में अब 10 महीने बचे हैं। उन्होंने कहा, "चुनाव से ठीक एक साल पहले सरकार की तारीफ करना बहुत कम देखने को मिलता है। आमतौर पर चार साल बाद लोग कहते हैं कि सत्ता विरोधी लहर जोरों पर है। लेकिन पंजाब में आप किसी भी गांव या मोहल्ले में जाइए, आज वहां सत्ता विरोधी लहर नहीं है; बल्कि सत्ता समर्थक लहर है।" उन्होंने जोड़ा कि लोग खुलकर और दिल से पंजाब सरकार की तारीफ कर रहे हैं।
BJP पर लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप
लोकतंत्र पर गहरी चिंता जताते हुए AAP प्रमुख ने कहा, "पूरे देश में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भाजपा ने लोकतंत्र का अपहरण कर उसे नष्ट कर दिया है। चुनाव जीतने से भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।" उन्होंने आरोप लगाया कि BJP प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है, धन बल का प्रयोग करती है, विधायकों की खरीद-फरोख्त करती है, पार्टियाँ तोड़ती है, सरकारें गिराती है और नेताओं को जेल भेजती है। उन्होंने कहा कि "पश्चिम बंगाल में हाल ही में जो हुआ वह चुनाव नहीं था" और बिहार, महाराष्ट्र तथा नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसा ही हुआ।
नई दिल्ली सीट पर वोट रद्द होने का दावा
केजरीवाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र नई दिल्ली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जेल जाने से पहले वहाँ 1,48,000 वोट थे, और लौटने पर केवल 1,06,000 वोट ही शेष रहे। उन्होंने दावा किया कि छह महीनों में लगभग 42,000 वोट रद्द कर दिए गए। उन्होंने कहा, "मैंने पिछला चुनाव 30,000 वोटों से जीता था, लेकिन 42,000 वोटों के रद्द होने के बाद, मैं 3,000 वोटों से हार गया। जब सारे वोट रद्द हो जाएं तो कोई कैसे जीत सकता है?" यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कई सवाल उठाए हैं।
अश्वमेध घोड़े की उपमा और पंजाब का दांव
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने रामायण की अश्वमेध कथा का संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह लव और कुश ने घोड़े को अमृतसर में रोका था, उसी तरह फरवरी 2015 में दिल्ली की जनता और AAP ने BJP की जीत का सिलसिला रोका था। उन्होंने दावा किया कि अगले फरवरी में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में भी यह घोड़ा रोका जाएगा और "पंजाब चुनावों के बाद मोदी सरकार गिर जाएगी।" गौरतलब है कि यह संबोधन राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद विधायकों के कपूरथला हाउस पहुँचने पर दिया गया।
आगे की राजनीतिक दिशा
केजरीवाल के इस संबोधन को पंजाब चुनाव से पहले AAP की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने राज्यसभा सीटों की 'चोरी' और राज्य के हकों से वंचित करने के मामले में भी BJP पर निशाना साधा। आने वाले महीनों में पंजाब का राजनीतिक परिदृश्य और अधिक तीखा होने की संभावना है।