क्या पंजाब में आप सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाया?
सारांश
Key Takeaways
- बंसुरी स्वराज ने पंजाब सरकार की कार्रवाई की निंदा की।
- पंजाब में मीडिया का दमन जारी है।
- आप सरकार का पतन शुरू हो चुका है।
- आगामी विधानसभा चुनावों में आप के लिए चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बंसुरी स्वराज ने शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पंजाब सरकार पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके लोकतंत्र और मीडिया का सुनियोजित तरीके से दमन करने का आरोप लगाया।
स्वराज ने पंजाब केसरी समूह के अखबार और उसके कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए आप सरकार की आलोचना को स्वीकार करने की क्षमता की कमी पर सवाल उठाया।
मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में आप सरकार ने आलोचना का जवाब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलकर दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है।
स्वराज ने कहा कि पंजाब में मीडिया को दबाने और लोकतंत्र को कुचलने के प्रयासों से आम आदमी पार्टी का पतन शुरू हो गया है।
उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि शायद केजरीवाल भूल गए हैं कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी के कुशासन को नकार दिया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि केजरीवाल के इशारे पर पंजाब पुलिस द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के प्रतिष्ठित पंजाब केसरी समूह के अखबार पर छापा मारना, कर्मचारियों पर हमला करना और कार्यालय का ताला तोड़ना लोकतंत्र पर एक स्पष्ट हमला है।
स्वराज ने कहा कि मीडिया का दमन आम आदमी पार्टी की पुरानी आदत है, जिसका सहारा उसने 2015 में सत्ता में आने के तुरंत बाद दिल्ली में लिया था।
उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 संकट के दौरान दिल्ली सचिवालय में, एक अंग्रेजी दैनिक के सात पत्रकारों को ऑक्सीजन से संबंधित जानकारी साझा करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप से निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने तत्कालीन आप सरकार की आलोचना करने वाली एक खबर प्रकाशित की थी।