ममता बनर्जी के शासन में राज्य कर्मचारियों का हक नहीं मिला: अमित मालवीय का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के लिए अमित शाह का आश्वासन।
- 2026 में 7वां वेतन आयोग लागू होगा।
- ममता बनर्जी के शासन में कर्मचारियों का हक नहीं मिला।
- भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर भाजपा की आलोचना।
- बंगाल में भाजपा का मजबूत समर्थन।
कोलकाता, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में दक्षिण 24 परगना में पार्टी की परिवर्तन यात्रा समेत अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इस कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण के मुख्य अंशों का वीडियो भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अमित मालवीय ने शनिवार को एक्स पर साझा किया, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी पर टिप्पणी की।
वरिष्ठ भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा, "पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि मई 2026 में भाजपा की सरकार बनने पर 7वां वेतन आयोग 45 दिनों के भीतर लागू कर दिया जाएगा। ममता बनर्जी के शासन में 15 वर्षों तक राज्य कर्मचारियों को उनके हक के भुगतान से वंचित रखा गया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद लंबित महंगाई भत्ता (डीए) भी शामिल है। भाजपा पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है। न्याय में देरी का मतलब न्याय से इनकार नहीं है।"
ज्ञात रहे कि 2 मार्च को दक्षिण 24 परगना से 'परिवर्तन यात्रा' का शुभारंभ करते हुए अमित शाह ने कहा था कि भाजपा की परिवर्तन यात्राओं को मिल रहा समर्थन यह दर्शाता है कि बंगाल बदलाव के लिए तैयार है। घुसपैठ और भ्रष्टाचार को नीति बनाकर युवाओं के रोजगार और अधिकार में सेंधमारी करने वाली टीएमसी अब कभी सत्ता में नहीं आएगी।
अमित शाह ने यह भी कहा कि ममता सरकार ने बजट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए 80 करोड़ और मदरसों के लिए 5700 करोड़ रुपए देकर तुष्टिकरण की सभी सीमाएँ पार कर दी हैं। बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही ममता बनर्जी के गुंडों को जेल में डाल दिया जाएगा। आरजीकर हो या संदेशखाली, ममता सरकार ने महिलाओं पर अत्याचार किए हैं। ममता सरकार ने सीएए का विरोध किया लेकिन केंद्र में मोदी की सरकार है। एक भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता कोई नहीं छीन सकता।