पंजाब चुनाव में BJP अकेले दम पर उतरेगी, AAP विधायकों की कोई ज़रूरत नहीं: फतेह जंग बाजवा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब नेता फतेह जंग बाजवा ने 28 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में स्पष्ट किया कि पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव पूरी तरह अपने दम पर लड़ेगी और उसे आम आदमी पार्टी (AAP) के किसी विधायक को अपने साथ लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब AAP के पंजाब कोटे से सात राज्यसभा सदस्य BJP में शामिल हो चुके हैं और यह चर्चा ज़ोरों पर है कि कई AAP विधायक भी पार्टी बदल सकते हैं।
बाजवा का स्पष्ट संदेश
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में फतेह जंग बाजवा ने कहा, "हमें किसी के विधायक की जरूरत नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से जो वादे किए थे, वे कभी पूरे नहीं हुए और इससे लोगों में भारी रोष है। बाजवा के अनुसार, AAP की स्थिति इतनी कमज़ोर हो चुकी है कि अगले चुनाव में पार्टी का पंजाब में खाता खुलना भी मुश्किल होगा।
केजरीवाल पर तीखा हमला
बाजवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल ने एक समय कहा था कि उन्हें गाड़ी और बंगला नहीं चाहिए, लेकिन दिल्ली में करोड़ों रुपये खर्च कर शीशमहल बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में तानाशाही का माहौल है और केजरीवाल अपने राज्यसभा सदस्यों का सम्मान नहीं करते। बाजवा ने कहा, "अगर उनके नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, तो साफ तौर पर उनके नेतृत्व में कोई न कोई कमी है।" उन्होंने AAP से आत्ममंथन करने की अपील की।
हरभजन सिंह की सुरक्षा वापसी पर आपत्ति
राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा पंजाब सरकार द्वारा वापस लिए जाने पर बाजवा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी की सुरक्षा केवल इसलिए वापस लेना क्योंकि वे आपकी पार्टी में नहीं रहे, किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को "गद्दार" कहना गलत है।
रेलवे ट्रैक धमाके पर चिंता
पंजाब में रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके को लेकर बाजवा ने कहा कि काफी समय से लगातार धमकी भरे फोन आ रहे थे, जिनमें रेलवे ट्रैक उड़ाने के दावे किए जा रहे थे। उन्होंने इसे राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताते हुए कहा कि AAP सरकार इस स्थिति को संभालने में नाकाम रही है और इस तरह की घटनाएँ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।
कांग्रेस पर भी तंज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कांग्रेस के बयानों को लेकर बाजवा ने कहा कि यह कांग्रेस की अपनी सोच है और वह एक बँटी हुई पार्टी है। उन्होंने कहा कि BJP की ऐसी कोई नीति नहीं है जिसमें दूसरी पार्टियों के लोगों को खींचकर शामिल किया जाए। पंजाब की राजनीति में यह उठापटक आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले और तेज़ होने के संकेत दे रही है।