पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की AAP को चेतावनी: स्थानीय निकाय चुनाव में अवैध हथकंडे बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने रविवार, 24 मई को चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में किसी भी अवैध तरीके का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जाखड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब अब AAP की भय और दबाव की रणनीति के आगे नहीं झुकेगा।
मुख्य आरोप और चेतावनी
जाखड़ ने कहा कि AAP के विधायकों और नेताओं द्वारा मतदान केंद्रों के दरवाजे बंद करने और बूथों पर कब्जा करने जैसी बातें सार्वजनिक रूप से की जा रही हैं, जो सरकार की हताशा को उजागर करती हैं। उनके अनुसार, इस तरह के बयान दर्शाते हैं कि AAP ने अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल के 'कुशासन' के बाद अब कोई भी AAP उम्मीदवारों को वोट देने को तैयार नहीं है, इसीलिए पार्टी अलोकतांत्रिक हथकंडों की बात कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि AAP नेता मतदान केंद्रों के दरवाजे बंद करने की बात करते हैं, तो पंजाब की जनता उनके लिए अपने दरवाजे बंद कर लेगी।
वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
BJP नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने पंजाब पर ₹225 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज लाद दिया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य की कमाई को बर्बाद किया है। जाखड़ के अनुसार, यह राशि राज्य के विकास पर खर्च की जानी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और नशीली दवाओं का दुरुपयोग खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, जिससे आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मतदाताओं से अपील
जाखड़ ने मतदाताओं से अपील की कि वे स्थानीय निकाय चुनावों में उन पार्टियों को नकारें जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने दृढ़ता से तय कर लिया है कि पंजाब में अगली सरकार BJP की बनेगी और लोगों को पंजाब के बेहतर भविष्य के लिए BJP के साथ एकजुट होना चाहिए।
विधानसभा चुनाव जल्द होने का दावा
जाखड़ ने यह भी दावा किया कि आगामी जनगणना प्रक्रिया को देखते हुए विधानसभा चुनाव उम्मीद से पहले हो सकते हैं। उनके अनुसार, मान सरकार के पास अब केवल कुछ ही महीने शेष हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।