22 अगस्त 2026
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फतेह जंग बाजवा का 'आप' सरकार पर हमला: पंजाब बंद, कानून व्यवस्था और SAD गठबंधन पर BJP का रुख साफ

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फतेह जंग बाजवा का 'आप' सरकार पर हमला: पंजाब बंद, कानून व्यवस्था और SAD गठबंधन पर BJP का रुख साफ

सारांश

BJP उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने एक साथ कई मोर्चों पर AAP सरकार को घेरा — बंदी सिंहों की पैरोल, पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था, और सज्जन कुमार पर कांग्रेस का रुख। साथ ही साफ किया कि BJP 117 सीटों पर अकेले लड़ने को तैयार है, गठबंधन का फैसला हाईकमान पर छोड़ा।

मुख्य बातें

फतेह जंग बाजवा ने 21 अगस्त को मोहाली में AAP सरकार पर कई मुद्दों पर हमला बोला।
बंदी सिंहों को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देने की माँग की — बीमार माँ से मिलना 'मूल अधिकार' बताया।
सज्जन कुमार पर दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी को 'शर्मनाक' करार देते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया।
पंजाब की कानून व्यवस्था को 'बेहद खराब' बताया, AAP सरकार को 'पूरी तरह विफल' कहा।
BJP पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने को तैयार; SAD गठबंधन का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा।

पंजाब भाजपा (BJP) के उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने 21 अगस्त को मोहाली में बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद, राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ संभावित गठबंधन समेत कई अहम मुद्दों पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को सीधे घेरा। बाजवा ने कहा कि पंजाब में हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं और राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।

बंदी सिंहों की रिहाई: मानवीय दृष्टिकोण की माँग

बंदी सिंहों के मुद्दे पर बाजवा ने सरकार से मानवीय रवैया अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कैदी की माँ बीमार है और उसने मुलाकात के लिए पैरोल माँगी है, तो उसे यह अधिकार मिलना चाहिए।

बाजवा ने कहा, "यह सरकारों की जिम्मेदारी है। अगर किसी की माँ बीमार है और उसने उससे मिलने के लिए पैरोल माँगी है, तो उसे मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह उसका मूल अधिकार है। सरकार को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देनी चाहिए और इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"

सज्जन कुमार विवाद: कांग्रेस पर तीखा प्रहार

1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की मृत्यु पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी को लेकर बाजवा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर कड़ा प्रहार किया।

उन्होंने कहा, "मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि यदि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति आपका आदर्श है, तो कांग्रेस आखिर क्या संदेश देना चाहती है? यदि निर्दोष लोगों, खासकर सिखों की हत्या करने वाले लोग आपके रोल मॉडल हैं, तो इससे कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। इससे अधिक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।" गौरतलब है कि सज्जन कुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने 1984 के दंगों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

कानून व्यवस्था पर AAP सरकार को घेरा

पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर बाजवा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला बोला। उनका आरोप है कि राज्य में अपराध और असुरक्षा का माहौल लगातार गहरा होता जा रहा है।

बाजवा ने कहा, "पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है। यदि यही स्थिति जारी रही तो लोगों में डर और उद्योग जगत में असुरक्षा की भावना बढ़ती जाएगी। यह राज्य के हित में नहीं है। पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल होना जरूरी है।" यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों और टार्गेटेड हत्याओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए है।

BJP-SAD गठबंधन: हाईकमान करेगा फैसला

भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन के सवाल पर बाजवा ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा। उन्होंने कहा कि BJP पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

बाजवा ने कहा, "यह फैसला हाईकमान का विषय है। पार्टी नेतृत्व पहले ही तय कर चुका है कि भाजपा को पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है। गठबंधन होगा या नहीं, इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।" उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP और SAD अलग-अलग लड़े थे और दोनों को भारी हार का सामना करना पड़ा था।

आगे क्या

बाजवा के इस बयान से स्पष्ट है कि BJP पंजाब में AAP के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। अगले विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति और कानून-व्यवस्था का मुद्दा राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और SAD से अलग होकर लड़ी थी। '117 सीटों पर अकेले' का दावा जितना आत्मविश्वास दिखाता है, उतना ही यह सवाल भी उठाता है कि जमीनी संगठन के बिना यह संभव कैसे होगा। बंदी सिंहों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पंजाब की राजनीति में संवेदनशील हैं — BJP इन्हें भुनाने की कोशिश कर रही है, पर उसकी विश्वसनीयता इन मुद्दों पर अभी भी परखी जानी बाकी है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फतेह जंग बाजवा ने पंजाब बंद पर क्या कहा?
बाजवा ने बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की माँग की। उन्होंने कहा कि बीमार माँ से मिलने के लिए पैरोल माँगना कैदी का मूल अधिकार है और सरकार को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देनी चाहिए।
सज्जन कुमार विवाद पर BJP का क्या रुख है?
बाजवा ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की सज्जन कुमार पर टिप्पणी को 'शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख-विरोधी दंगों में आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति को आदर्श बताना कांग्रेस का 'असली चेहरा' उजागर करता है।
पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति पर BJP क्या कह रही है?
BJP उपाध्यक्ष बाजवा ने AAP सरकार पर पंजाब की कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में लोगों में डर और उद्योग जगत में असुरक्षा बढ़ रही है, जो राज्य के विकास के लिए नुकसानदेह है।
क्या BJP और शिरोमणि अकाली दल पंजाब में गठबंधन करेंगे?
बाजवा ने इस पर कोई स्पष्ट हाँ या ना नहीं कही। उन्होंने कहा कि गठबंधन का निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा, हालाँकि BJP पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव में BJP की क्या रणनीति है?
बाजवा के बयान के अनुसार, BJP 117 सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर है, और पार्टी AAP के खिलाफ कानून-व्यवस्था और बंदी सिंहों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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