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पंजाब चुनाव में BJP उतरेगी राष्ट्रवाद और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर: राजीव बब्बर

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पंजाब चुनाव में BJP उतरेगी राष्ट्रवाद और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर: राजीव बब्बर

सारांश

BJP नेता राजीव बब्बर ने ऐलान किया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी राष्ट्रवाद, सीमा सुरक्षा और UCC को हथियार बनाएगी। AAP सरकार पर नशे, भ्रष्टाचार और केंद्र-दोषारोपण के आरोप लगाते हुए बब्बर ने कहा — 'सरकार बदलने का समय आ गया है।'

मुख्य बातें

BJP नेता राजीव बब्बर ने 14 सितंबर 2026 को घोषणा की कि पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवाद, एकता और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर मैदान में उतरेगी।
बब्बर ने AAP सरकार पर नशे, भ्रष्टाचार, स्कूलों में सुविधाओं की कमी और बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी के आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की तुलना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की गई — दोनों पर केंद्र को दोष देने का आरोप।
गृह मंत्री अमित शाह के UCC (समान नागरिक संहिता) के समर्थन में बब्बर ने कहा — 'यह देश और हमारी माँग है।' ब्रिक्स सम्मेलन में 350 से अधिक बैठकें आयोजित होने और 11 सदस्य देशों की वैश्विक भूमिका की सराहना की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राजीव बब्बर ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवाद, पंजाब की एकता और सीमाओं की सुरक्षा को केंद्रीय मुद्दे बनाकर मैदान में उतरेगी। बब्बर के अनुसार, पंजाब में BJP का जनाधार लगातार विस्तृत हो रहा है और पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है।

पंजाब सरकार पर BJP के आरोप

बब्बर ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उनके अनुसार, राज्य में नशे और भ्रष्टाचार की समस्या गंभीर बनी हुई है, स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएँ नहीं हैं और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सरकार की तैयारी अधूरी है।

उन्होंने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार दिल्ली में केजरीवाल सरकार केंद्र पर दोषारोपण करती थी, उसी प्रकार पंजाब में भगवंत मान भी केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य नहीं हुए हैं। बब्बर ने कहा, 'अब ऐसी सरकार को बदलने का समय आ गया है।'

यूसीसी पर BJP का रुख और संविधान की सर्वोच्चता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए बब्बर ने कहा कि UCC देश और पार्टी, दोनों की माँग है और इसका सही अर्थ समझा जाना ज़रूरी है। उन्होंने संविधान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या धर्म बाद की बात है — सबसे पहले देश का संविधान है।

तिरंगे का उदाहरण देते हुए बब्बर ने कहा कि जिस प्रकार तिरंगा पूरे देश का प्रतीक है, उसी प्रकार संविधान भी सभी नागरिकों के लिए सर्वोच्च है। उन्होंने तीन तलाक कानून का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून का कई शिक्षित मुस्लिम महिलाओं ने स्वागत किया था, क्योंकि इंसानियत और मानवाधिकार किसी भी धर्म से ऊपर हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन की सराहना

बब्बर ने हाल ही में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की जनता को बधाई दी। उनके अनुसार, ब्रिक्स की ताकत केवल 11 सदस्य देशों तक सीमित नहीं, बल्कि इन देशों की वैश्विक जनसंख्या और अर्थव्यवस्था में बड़ी हिस्सेदारी है।

बब्बर ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं और इसमें इंसानियत को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति और विचारों को वैश्विक मंच पर सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने में सफल रहा।

आगे की राजनीतिक दिशा

बब्बर के बयान से स्पष्ट है कि BJP पंजाब में राष्ट्रीय सुरक्षा, UCC और AAP सरकार की विफलताओं को प्रमुख चुनावी मुद्दे बनाने की तैयारी में है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग BJP से जुड़ना चाहते हैं और सभी वर्गों तक पहुँचने की कोशिशें तेज़ी से जारी हैं। आने वाले महीनों में BJP की पंजाब इकाई की रणनीति और संगठन विस्तार यह तय करेगा कि पार्टी वास्तव में इस बार AAP को चुनौती दे पाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि 2022 में AAP की भारी जीत के बाद पार्टी ने संगठन स्तर पर क्या ठोस काम किया है — राष्ट्रवाद और UCC जैसे मुद्दे हिंदी भाषी राज्यों में तो चलते हैं, पर पंजाब की राजनीति में स्थानीय पहचान, किसान और सीमावर्ती मुद्दे ऐतिहासिक रूप से ज़्यादा निर्णायक रहे हैं। AAP सरकार पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन BJP को अभी यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसके पास पंजाब के लिए वैकल्पिक शासन-मॉडल क्या है। केवल दोषारोपण की राजनीति उस मतदाता को नहीं जीत पाती जो 2022 में 'बदलाव' के लिए AAP को वोट दे चुका है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP पंजाब चुनाव में कौन से मुद्दे उठाएगी?
BJP नेता राजीव बब्बर के अनुसार पार्टी राष्ट्रवाद, पंजाब की एकता और सीमाओं की सुरक्षा को केंद्रीय मुद्दे बनाएगी। इसके साथ ही AAP सरकार पर नशे, भ्रष्टाचार और शिक्षा-स्वास्थ्य में विफलता के आरोप भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा होंगे।
राजीव बब्बर ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए?
बब्बर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी विफलताओं के लिए केंद्र सरकार को दोष देते हैं, ठीक उसी तरह जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल करते थे। उन्होंने कहा कि पंजाब में जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है।
BJP का UCC पर क्या रुख है?
बब्बर ने गृह मंत्री अमित शाह के UCC समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता देश और पार्टी, दोनों की माँग है। उन्होंने तीन तलाक कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि मानवाधिकार किसी भी धर्म से ऊपर हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन पर BJP का क्या कहना है?
बब्बर ने ब्रिक्स सम्मेलन को बेहद सफल बताते हुए PM मोदी और दिल्ली की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान 350 से अधिक बैठकें हुईं और भारत अपनी संस्कृति व विचारों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में सफल रहा।
पंजाब में BJP का जनाधार कैसा है?
बब्बर के दावे के अनुसार पंजाब में बड़ी संख्या में लोग BJP से जुड़ना चाहते हैं और पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। हालाँकि 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP को भारी बहुमत मिला था।
राष्ट्र प्रेस
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