टाटा बोइंग एयरोस्पेस ने हैदराबाद से डिलीवर किया 400वां अपाचे हेलीकॉप्टर फ्यूजलेज, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को मिली नई ऊँचाई
सारांश
मुख्य बातें
टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (TBAL) ने 14 सितंबर 2026 को एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के लिए अपना 400वां फ्यूजलेज तैयार कर डिलीवरी पूरी की — जो हैदराबाद स्थित इसकी अत्याधुनिक निर्माण इकाई से निकला एक ऐतिहासिक पड़ाव है। यह उपलब्धि भारत की रक्षा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमता के तेज़ी से विस्तार को रेखांकित करती है और वैश्विक अपाचे आपूर्ति शृंखला में देश की केंद्रीय भूमिका को पुख्ता करती है।
मुख्य उपलब्धि और निर्माण इकाई
बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के संयुक्त उपक्रम TBAL की हैदराबाद इकाई 52,000 वर्ग मीटर में फैली है। यहाँ 750 से अधिक इंजीनियर और तकनीशियन कार्यरत हैं, जो रोबोटिक्स, स्वचालित उपकरणों और उन्नत एयरोस्पेस उत्पादन तकनीकों के सहारे उच्च सटीकता वाले पुर्जे तैयार करते हैं। यह संयंत्र एएच-64ई के मुख्य फ्यूजलेज ढाँचे — यानी हेलीकॉप्टर की केंद्रीय संरचना — का निर्माण करता है, जिन्हें बाद में अंतिम असेंबली के लिए बोइंग की वैश्विक सुविधाओं तक पहुँचाया जाता है।
उत्पादन गति में उल्लेखनीय वृद्धि
TBAL ने फरवरी 2025 में अपना 300वां अपाचे फ्यूजलेज तैयार किया था। इसके बाद महज़ 18 महीनों में कंपनी ने 100 अतिरिक्त फ्यूजलेज का निर्माण पूरा कर 400 का आँकड़ा छू लिया। यह रफ़्तार कंपनी की बढ़ती विनिर्माण दक्षता और वैश्विक माँग को पूरा करने की क्षमता का प्रमाण है। 2016 में स्थापित TBAL ने लगभग एक दशक में हैदराबाद इकाई को उन्नत एयरोस्पेस निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की भूमिका
बोइंग के अनुसार, हैदराबाद में निर्मित फ्यूजलेज उन हेलीकॉप्टरों में लगाए जाते हैं जो दुनिया भर के ग्राहकों को आपूर्ति किए जाते हैं। इनमें अमेरिकी सेना को दिए गए हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 2025 में भारतीय सेना को 6 अपाचे हेलीकॉप्टर सौंपे गए, जबकि भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 22 एएच-64ई हेलीकॉप्टरों का बेड़ा है। दुनिया भर में 19 देशों में लगभग 1,300 अपाचे हेलीकॉप्टर सेवा में हैं, और भारत अब इस पूरी शृंखला का एक महत्वपूर्ण विनिर्माण स्तंभ बन चुका है।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का संदर्भ
भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस उपलब्धि को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रमुखता से रेखांकित किया। दूतावास ने कहा कि 400 अपाचे फ्यूजलेज का निर्माण बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की बड़ी उपलब्धि है, जो भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की निरंतर मजबूती को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश रक्षा सह-उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
आगे की राह
TBAL की बढ़ती उत्पादन गति और उन्नत तकनीकी आधार यह संकेत देते हैं कि हैदराबाद संयंत्र आने वाले वर्षों में अपाचे के साथ-साथ अन्य उन्नत रक्षा प्लेटफॉर्मों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत के 'मेक इन इंडिया' एयरोस्पेस एजेंडे के लिए यह उपलब्धि एक ठोस संदर्भ बिंदु बनती है — जहाँ संयुक्त उपक्रम केवल असेंबली तक सीमित न रहकर उच्च-जटिलता संरचनात्मक निर्माण में वैश्विक मानक स्थापित कर रहे हैं।