14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लखनऊ में नाबालिग को शराब बेचने पर आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल सख्त, सेल्समैन हटाया, ₹30,000 जुर्माना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लखनऊ में नाबालिग को शराब बेचने पर आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल सख्त, सेल्समैन हटाया, ₹30,000 जुर्माना

सारांश

लखनऊ के विकासनगर में नाबालिग को शराब बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और तीन दिन के भीतर राज्य सरकार हरकत में आई — सेल्समैन हटाया गया, ₹30,000 जुर्माना लगा। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने भविष्य में ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

लखनऊ के विकासनगर स्थित कम्पोजिट शराब की दुकान पर नाबालिग को शराब बेचने का वीडियो 11 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेकर जिला आबकारी अधिकारी से जाँच कराई।
जाँच में दोषी पाए जाने पर सेल्समैन को तत्काल प्रभाव से दुकान से हटाया गया।
संबंधित कम्पोजिट दुकान पर आबकारी नियमों के तहत ₹30,000 का जुर्माना लगाया गया।
मंत्री ने भविष्य में ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही को क्षम्य न बताते हुए सभी अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र की एक कम्पोजिट शराब की दुकान पर नाबालिग को शराब बेचे जाने के आरोप से जुड़े वायरल वीडियो का 14 सितंबर 2026 को तत्काल संज्ञान लिया। जाँच में सेल्समैन का व्यवहार अनुचित पाए जाने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया और संबंधित दुकान पर ₹30,000 का जुर्माना आरोपित किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

11 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) सहित सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विकासनगर स्थित कम्पोजिट शराब की दुकान के सेल्समैन की एक व्यक्ति से कहासुनी दिखाई दे रही थी। वीडियो में सेल्समैन पर एक नाबालिग बच्चे को शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा था। यह वीडियो सामने आते ही मंत्री अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जाँच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जाँच और कार्रवाई

जिला आबकारी अधिकारी, लखनऊ की ओर से मामले की जाँच की गई। जाँच में पाया गया कि सेल्समैन का व्यवहार आबकारी नियमों और मानकों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से दुकान से हटा दिया गया। साथ ही आबकारी नियमों के तहत प्रशमन की कार्रवाई करते हुए संबंधित कम्पोजिट दुकान पर ₹30,000 का जुर्माना लगाया गया।

मंत्री की कड़ी चेतावनी

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह का कोई भी मामला सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर अवैध या जहरीली शराब की बिक्री, अथवा नाबालिगों को शराब बेचने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्य राज्य सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ हैं और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी।

सरकार का दावा और आगे की निगरानी

अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और पारदर्शी नीतियों के कारण पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय में प्रदेश में अवैध या जहरीली शराब से मृत्यु का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को शराब की दुकानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है — एक दावा जिसकी विश्वसनीयता इसी तरह के भविष्य के मामलों में विभाग की प्रतिक्रिया की गति पर निर्भर करेगी।

आगे क्या

प्रशासन की ओर से शराब की दुकानों पर नियमित औचक निरीक्षण बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सोशल मीडिया के ज़रिए सरकारी तंत्र पर जनदबाव की प्रभावशीलता एक बार फिर स्थापित हुई है — वीडियो वायरल होने के महज तीन दिन के भीतर कार्रवाई हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

न तब जब नियमित निगरानी काम करे। विकासनगर की दुकान पर ₹30,000 का जुर्माना और सेल्समैन को हटाना प्रतीकात्मक कदम हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि जिला आबकारी अधिकारी की नियमित जाँच-प्रणाली वीडियो से पहले इस उल्लंघन को क्यों नहीं पकड़ पाई। मंत्री का 'रोल मॉडल राज्य' वाला दावा तब तक परखा नहीं जा सकता जब तक विभाग स्वतः-निरीक्षण के ठोस आँकड़े सार्वजनिक न करे — सोशल मीडिया की सतर्कता शासन का विकल्प नहीं हो सकती।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में नाबालिग को शराब बेचने का मामला क्या है?
11 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें लखनऊ के विकासनगर स्थित एक कम्पोजिट शराब की दुकान के सेल्समैन पर नाबालिग बच्चे को शराब बेचने का आरोप लगाया गया था। वीडियो में सेल्समैन और एक व्यक्ति के बीच कहासुनी भी दिखाई दे रही थी।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
मंत्री नितिन अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेकर जिला आबकारी अधिकारी, लखनऊ से जाँच कराई। जाँच में सेल्समैन का व्यवहार अनुचित पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से हटाया गया और संबंधित दुकान पर ₹30,000 का जुर्माना लगाया गया।
क्या उत्तर प्रदेश में नाबालिगों को शराब बेचना कानूनी अपराध है?
हाँ, उत्तर प्रदेश आबकारी नियमों के तहत नाबालिगों को शराब बेचना सख्त वर्जित है और इसके लिए जुर्माना एवं लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई का प्रावधान है। मंत्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदेश की आबकारी नीति के खिलाफ है और ऐसे मामलों में किसी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
आबकारी मंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को शराब की दुकानों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि नाबालिगों को शराब बेचने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्या उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं?
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय में प्रदेश में जहरीली शराब से मृत्यु का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। हालाँकि यह दावा सरकारी है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले