सेंट्रल नोएडा में 414 लोगों पर कार्रवाई, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के खिलाफ पुलिस का सख्त अभियान
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 11 जून 2025 को सेंट्रल नोएडा जोन में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 414 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 292 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई की। यह अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह तथा एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया।
अभियान का दायरा और कार्रवाई
पुलिस टीमों ने सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाजारों, पार्कों, सड़क किनारों और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर सघन निगरानी रखी। अभियान के दौरान उन व्यक्तियों को चिन्हित किया गया जो सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन कर कानून व्यवस्था एवं सामाजिक माहौल को प्रभावित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुल 414 लोगों पर BNS की धारा 292 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की गई।
सार्वजनिक व्यवस्था पर असर
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे महिलाओं एवं बच्चों सहित आम नागरिकों को असुविधा होती है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी गतिविधियाँ कई बार विवाद और अपराध की घटनाओं को भी बढ़ावा देती हैं। गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रही है।
पुलिस की आगे की रणनीति
कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर हुड़दंग करने अथवा शांति व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे कानून का पालन करें और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखें।
नागरिकों से अपील
अधिकारियों ने कहा कि शहर में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना पुलिस कमिश्नरेट का संकल्प है। पुलिस की यह कार्रवाई सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन और कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब गर्मियों के मौसम में पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ बढ़ जाती है और इस तरह की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।