ग्रेटर नोएडा: सार्वजनिक नशाखोरी पर पुलिस का दो दिवसीय अभियान, 377 लोगों पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 1-2 जून को ग्रेटर नोएडा ज़ोन में सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और लोक व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ चलाए गए दो दिवसीय विशेष अभियान में कुल 377 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चलाया गया यह अभियान पार्कों, बाज़ारों, सड़कों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर केंद्रित रहा।
अभियान का स्वरूप और नेतृत्व
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का पर्यवेक्षण डीसीपी और एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने किया, जबकि ज़मीनी कार्रवाई का नेतृत्व एसीपी-1, एसीपी-2, एसीपी-3 और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा ने संभाला। विभिन्न थाना क्षेत्रों में तैनात पुलिस टीमों ने लक्षित चेकिंग और निगरानी कर ऐसे लोगों की पहचान की जो खुलेआम शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर रहे थे।
कहाँ-कहाँ हुई चेकिंग
अधिकारियों ने बताया कि चेकिंग पार्कों, मुख्य बाज़ारों, सार्वजनिक सड़कों और रिहायशी इलाक़ों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में की गई, जहाँ सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। चिन्हित किए गए सभी 377 व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई।
पुलिस का तर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा भी प्रभावित होती है। इसी उद्देश्य से कमिश्नरेट पुलिस लगातार ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई कर रही है।
आम जनता पर असर और अपील
गौतमबुद्धनगर के तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण और ग्रेटर नोएडा में हाई-राइज़ सोसायटियों के विस्तार के बीच सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था की शिकायतें बढ़ी हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस लोक व्यवस्था से जुड़े अपराधों पर ज़ीरो-टॉलरेंस रुख अपनाने का दावा करती रही है।
कमिश्नरेट पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
क्या होगा आगे
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक शांति एवं व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह के विशेष अभियान जारी रहेंगे, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।