जबलपुर में 'नशे से दूरी' अभियान: अधिकारियों ने ली शपथ, स्कूलों के पास गुटखा-सिगरेट बेचने वाली दुकान पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश पर 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित 'नशे से दूरी, है जरूरी' जनजागरण अभियान के अंतर्गत जबलपुर में शुक्रवार, 17 जुलाई को एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनु बेनिवाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नशामुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई और अभियान के तहत स्कूलों के आसपास गुटखा व सिगरेट बेचने वाली दुकानों पर सख्त कार्रवाई भी की गई।
बैठक और शपथ ग्रहण
एएसपी अनु बेनिवाल ने नगर निगम, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की। बैठक में उप पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) अंजुल अयंक मिश्रा और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संयुक्त संचालक सोनम वर्बे भी उपस्थित रहीं। सभी अधिकारियों को अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया और जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए।
एएसपी बेनिवाल ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक अभिशाप है और पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है — समाज को नशे की लत से मुक्त करने के लिए जनजागरूकता फैलाना भी उतना ही आवश्यक है।
स्कूलों के आसपास जांच अभियान
बैठक की समाप्ति के बाद एएसपी बेनिवाल और डीएसपी मिश्रा के नेतृत्व में नगर निगम, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बेलबाग थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बेलबाग क्षेत्र में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों की जांच की। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शैक्षणिक परिसरों के समीप नशीली सामग्री की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है।
दुकानदार पर वैधानिक कार्रवाई
बाई का बगीचा स्थित शासकीय स्कूल के मुख्य द्वार के निकट एक दुकान की तलाशी में सिगरेट, गुटखा और पान मसाला बरामद किया गया। दुकान संचालक दिनेश सोनकर के विरुद्ध बेलबाग थाने में वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की दुकानों से भी गुटखा और पान मसाला जब्त कर नगर निगम की टीम ने चालानी कार्रवाई की।
दुकानदारों को सख्त चेतावनी
पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के दुकानदारों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार की नशीली सामग्री का विक्रय पूर्णतः वर्जित है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे की राह
यह अभियान 30 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की जांच और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।