मिथुन चक्रवर्ती ने 'बंगाल फुटबॉल एकेडमी' की पहल की पुनः शुरुआत, ₹3-4 करोड़ से 60 खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल फुटबॉल एकेडमी स्थापित करने की अपनी करीब 15 वर्ष पुरानी मुहिम को नई गति दी है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को न्यू टाउन, कोलकाता में पूर्व फुटबॉलरों के साथ बैठक कर उन्होंने एकेडमी की विस्तृत रूपरेखा साझा की। शुरुआती चरण में 60 खिलाड़ियों को चुना जाएगा और फंडिंग के लिए बैंक में जमा ₹1 करोड़ के अलावा ₹2-3 करोड़ अतिरिक्त चंदे से जुटाने की योजना है।
15 साल की राह में रुकावटें और अब नई उम्मीद
मिथुन चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि यह पहल डेढ़ दशक से अटकी हुई थी। उन्होंने कहा, 'बीते 15 वर्षों से कुछ हुआ नहीं, क्योंकि मैं शामिल था। मेरा नाम आते ही सब कुछ बैन कर दिया गया। कोई मैदान, कोई फील्ड कुछ नहीं दिया गया... बोल के भी नहीं दिया। इसलिए 15 साल से ये ठप्प पड़ा हुआ था।' उन्होंने यह भी बताया कि एकेडमी के लिए अब तक ₹1 करोड़ एकत्रित कर बैंक में सुरक्षित रखे गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में फुटबॉल की समृद्ध परंपरा के बावजूद राज्य से निकलने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। मिथुन की यह पहल उस खाई को पाटने का प्रयास है।
वित्तीय योजना और एकेडमी की संरचना
मिथुन चक्रवर्ती ने बताया कि एकेडमी संचालन को सुचारू बनाने के लिए ₹2 से 3 करोड़ अतिरिक्त धनराशि चंदे के माध्यम से जुटाई जाएगी। ग्राउंड के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और चार-पाँच संभावित मैदानों को पहले से चिह्नित किया जा चुका है। एकेडमी की शुरुआत 60 फुटबॉलरों के साथ होगी।
आदिवासी और पहाड़ी खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान
मिथुन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हाशिये पर रहने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देना है। उन्होंने कहा, 'आदिवासी खिलाड़ियों पर मेरी ज्यादा नजर है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और पहाड़ी इलाकों में जो लड़के अच्छा खेलते हैं, उनके ऊपर मेरी ज्यादा नजर है।' गौरतलब है कि बंगाल के पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्रों में फुटबॉल की अपार लोकप्रियता के बावजूद इन खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण के अवसर बेहद सीमित रहे हैं।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया का वादा
भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष राजू बंद्योपाध्याय ने चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा, 'यह पूरी तरह से पारदर्शी होगा। बंगाल से जुड़े जितने भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, वो लोग इसमें जुटे हुए हैं।' उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जिला स्तर पर जाकर स्काउटिंग करेंगे और बेहतरीन प्रतिभाओं को कोलकाता लाकर अंतिम चयन किया जाएगा।
बंद्योपाध्याय ने इस पहल को एक बड़े सपने से जोड़ते हुए कहा, 'दादा (मिथुन चक्रवर्ती) ने सपना देखा है कि हमें वापस से बंगाल को 'सोनार बांग्ला' बनाना है।' उन्होंने फुटबॉल के साथ-साथ शिक्षा और औद्योगीकरण में भी बदलाव लाने की प्रतिबद्धता जताई।
आगे क्या होगा
एकेडमी के लिए टेंडर और स्काउटिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। अगर यह पहल सफल रही, तो यह बंगाल में जमीनी स्तर पर फुटबॉल विकास का एक नया अध्याय लिख सकती है और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।