'द बंगाल फाइल्स' की जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्क्रीनिंग, BJP विधायक बोले — दुर्गा पूजा पंडालों में दिखाई जाए फिल्म
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार, 16 अगस्त 2026 को विवेक रंजन अग्निहोत्री निर्देशित फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसने राजनीतिक और सामाजिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया। नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद के संयुक्त आयोजन में आयोजक सौम्यदीप घोष तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने फिल्म और उससे जुड़े ऐतिहासिक सन्दर्भों पर अपने विचार रखे।
स्क्रीनिंग का आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था
आयोजक सौम्यदीप घोष ने कहा, 'आज 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग है। यह फिल्म हमारे लिए एक डॉक्यूमेंट्री की तरह है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जहाँ इस फिल्म को सबसे ज़्यादा देखा जाना चाहिए था, वहाँ इसे बैन कर दिया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के कुछ फैसले सही नहीं कहे जा सकते। घोष ने मौजूदा बंगाल सरकार को स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रोपेगेंडा के आरोपों पर आयोजक का जवाब
सौम्यदीप घोष ने उन आलोचकों को जवाब दिया जो फिल्म को 'प्रोपेगेंडा' और 'सांप्रदायिक' बता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'समाज को बाँटने के बजाय एकता पर ध्यान देना चाहिए। हम सभी बंगाली हैं, हम सभी भारतीय हैं।' उन्होंने माना कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में यह स्क्रीनिंग काफी पहले होनी चाहिए थी।
BJP विधायक का ऐतिहासिक सन्दर्भ
BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने 16 अगस्त की तारीख से जुड़े दो ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ में कई लोगों की मौत हुई थी। लेकिन उनके अनुसार इससे भी गंभीर अध्याय 16 अगस्त 1946 का है, जिसे इतिहास में 'डायरेक्ट एक्शन डे' के नाम से जाना जाता है और जिसे 'द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' भी कहा जाता है।
चक्रवर्ती ने कहा कि उस हिंसा में कथित तौर पर करीब 10 हज़ार लोगों की मौत हुई थी और महिलाओं के साथ भी बेहद हिंसक घटनाएँ हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी सरकारों ने इस इतिहास को दबाने की कोशिश की।
दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की अपील
विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने फिल्म रिलीज़ के पहले दिन पहले शो में देखी थी और वे इतने भावुक हो गए थे कि अगले दो दिन किसी से बात नहीं कर पाए। उन्होंने अपील की कि आने वाली दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग पंडालों में इस फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन ऐतिहासिक घटनाक्रमों से परिचित हो सकें।
फिल्म के बारे में
'द बंगाल फाइल्स' का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है। फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों की पृष्ठभूमि में हिंसा और उस दौर की घटनाओं को दर्शाती है। कहानी का एक हिस्सा सीबीआई अधिकारी शिवा पंडित पर आधारित है, जो एक लड़की के अपहरण की जाँच करते हुए इतिहास के उन पन्नों तक पहुँचता है। फिल्म में दर्शन कुमार, सिमरत कौर, शाश्वत चटर्जी, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म की अवधि करीब साढ़े तीन घंटे है। यह स्क्रीनिंग ऐसे समय में हुई है जब बंगाल में ऐतिहासिक आख्यान को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है, और आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनज़र इस अपील का व्यापक असर पड़ सकता है।