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'द बंगाल फाइल्स' की जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्क्रीनिंग, BJP विधायक बोले — दुर्गा पूजा पंडालों में भी दिखाई जाए फिल्म

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'द बंगाल फाइल्स' की जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्क्रीनिंग, BJP विधायक बोले — दुर्गा पूजा पंडालों में भी दिखाई जाए फिल्म

सारांश

विवेक रंजन अग्निहोत्री की 'द बंगाल फाइल्स' जादवपुर यूनिवर्सिटी पहुँची — और इसके साथ राजनीतिक बहस भी। BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने 1946 के 'डायरेक्ट एक्शन डे' की याद दिलाते हुए दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की माँग रखी।

मुख्य बातें

नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग आयोजित की।
BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने दुर्गा पूजा के पंडालों में फिल्म दिखाने की अपील की।
विधायक ने 16 अगस्त 1946 के 'डायरेक्ट एक्शन डे' का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर करीब 10 हज़ार लोगों की मौत हुई थी।
आयोजक सौम्यदीप घोष ने वर्तमान बंगाल सरकार को स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
स्क्रीनिंग के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात रहा।
फिल्म का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है और इसकी अवधि करीब साढ़े तीन घंटे है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री निर्देशित फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग रविवार, 17 अगस्त 2025 को कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी के कैंपस में आयोजित की गई, जिसने राजनीतिक और सामाजिक बहस को नई धार दे दी। नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद के संयुक्त आयोजन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दीपांजन चक्रवर्ती और आयोजक सौम्यदीप घोष ने फिल्म में चित्रित ऐतिहासिक घटनाओं पर खुलकर अपने विचार रखे।

आयोजन और आयोजकों की बात

आयोजक सौम्यदीप घोष ने स्क्रीनिंग के अवसर पर कहा, ''आज 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग है। यह फिल्म हमारे लिए एक डॉक्यूमेंट्री की तरह है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जहाँ इस फिल्म को सबसे ज़्यादा देखा जाना चाहिए था, वहाँ इसे बैन कर दिया गया।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म को 'प्रोपेगेंडा' या 'सांप्रदायिक' करार देने की बजाय समाज को एकता के नज़रिए से देखने की ज़रूरत है। घोष ने कहा, ''हमें यह समझने की ज़रूरत है कि हम सभी बंगाली हैं, हम सभी भारतीय हैं।''

सौम्यदीप ने वर्तमान बंगाल सरकार को स्क्रीनिंग में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि स्क्रीनिंग शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

BJP विधायक का ऐतिहासिक संदर्भ

BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने 16 अगस्त की तारीख से जुड़े दो अलग-अलग ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ में कई लोगों की जान गई — यह बंगाल फुटबॉल के इतिहास का दुखद अध्याय है। लेकिन इससे भी गंभीर अध्याय 16 अगस्त 1946 का है, जिसे 'डायरेक्ट एक्शन डे' के नाम से जाना जाता है।''

चक्रवर्ती के अनुसार, 1946 की हिंसा में करीब 10 हज़ार लोगों की मौत हुई थी और महिलाओं के साथ भी बेहद हिंसक घटनाएँ हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना को इतिहास में 'द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से भी दर्ज किया गया है और पुरानी सरकारों ने इस इतिहास को सार्वजनिक स्मृति से दूर रखने की कोशिश की।

दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की अपील

BJP विधायक ने बताया कि उन्होंने 'द बंगाल फाइल्स' को रिलीज़ के पहले दिन पहले शो में देखा था और फिल्म देखने के बाद वे इतने भावुक हो गए कि अगले दो दिनों तक किसी से बात नहीं कर पाए। उन्होंने अपील की, ''आने वाली दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग पंडालों में फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इतिहास की इन घटनाओं के बारे में जान सकें।''

फिल्म की पृष्ठभूमि और कलाकार

'द बंगाल फाइल्स' का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है। फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों की पृष्ठभूमि में हिंसा और उस दौर की घटनाओं को केंद्र में रखती है। कथानक में अतीत के साथ वर्तमान बंगाल को भी जोड़ा गया है — एक CBI अधिकारी शिवा पंडित एक लड़की के अपहरण की जाँच करते हुए इतिहास के उन्हीं पन्नों तक पहुँचता है।

फिल्म में दर्शन कुमार, सिमरत कौर, शाश्वत चटर्जी, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की अवधि करीब साढ़े तीन घंटे है।

आगे क्या

जादवपुर यूनिवर्सिटी की यह स्क्रीनिंग ऐसे समय में आई है जब फिल्म को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बहस पहले से तेज़ है। BJP की दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की माँग से यह विवाद आने वाले हफ्तों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 1946 के इतिहास को समकालीन राजनीतिक विमर्श में पुनः स्थापित करने की कोशिश है। गौरतलब है कि यह वही परिसर है जो वामपंथी और उदारवादी छात्र राजनीति का गढ़ रहा है — ऐसे में BJP समर्थित संगठनों का यहाँ स्क्रीनिंग आयोजित करना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की माँग फिल्म को धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ने की रणनीति दर्शाती है, जो आलोचकों की नज़र में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जोखिम उठाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि 'डायरेक्ट एक्शन डे' एक जटिल ऐतिहासिक घटना है जिसे किसी एक राजनीतिक कथा में समेटना इतिहासकारों के लिए भी विवादास्पद रहा है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'द बंगाल फाइल्स' किस विषय पर बनी फिल्म है?
'द बंगाल फाइल्स' विवेक रंजन अग्निहोत्री निर्देशित फिल्म है जो 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों की पृष्ठभूमि में बनी है। फिल्म में एक CBI अधिकारी की कहानी के ज़रिए अतीत और वर्तमान बंगाल को जोड़ा गया है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग किसने आयोजित की?
नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने मिलकर यह स्क्रीनिंग आयोजित की। आयोजक सौम्यदीप घोष और BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती इस अवसर पर उपस्थित रहे।
BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की माँग क्यों की?
दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और उससे जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों की जानकारी मिलनी चाहिए। उनके अनुसार दुर्गा पूजा पंडाल इस जागरूकता के लिए सबसे व्यापक मंच हो सकते हैं।
'डायरेक्ट एक्शन डे' क्या था और इसका फिल्म से क्या संबंध है?
16 अगस्त 1946 को हुई सांप्रदायिक हिंसा को 'डायरेक्ट एक्शन डे' कहा जाता है, जिसे इतिहास में 'द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से भी जाना जाता है। BJP विधायक के अनुसार इस हिंसा में कथित तौर पर करीब 10 हज़ार लोगों की जान गई थी। 'द बंगाल फाइल्स' इसी घटना को अपनी कथा का केंद्र बनाती है।
'द बंगाल फाइल्स' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में दर्शन कुमार, सिमरत कौर, शाश्वत चटर्जी, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कुल अवधि करीब साढ़े तीन घंटे है।
राष्ट्र प्रेस
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