'द बंगाल फाइल्स' की जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्क्रीनिंग, BJP विधायक की माँग — दुर्गा पूजा पंडालों में दिखाई जाए फिल्म
सारांश
मुख्य बातें
जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता के कैंपस में रविवार, 17 अगस्त 2025 को विवेक रंजन अग्निहोत्री निर्देशित फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी। नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने संयुक्त रूप से इस आयोजन की जिम्मेदारी उठाई। स्क्रीनिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने माँग की कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग पंडालों में भी यह फिल्म दिखाई जाए।
स्क्रीनिंग का आयोजन और सुरक्षा इंतजाम
आयोजक सौम्यदीप घोष ने बताया कि फिल्म को पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित किए जाने की पृष्ठभूमि में यह स्क्रीनिंग विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा, 'यह फिल्म हमारे लिए एक डॉक्यूमेंट्री की तरह है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जहाँ इस फिल्म को सबसे ज्यादा देखा जाना चाहिए था, वहाँ इसे बैन कर दिया गया।' किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया और मौजूदा बंगाल सरकार ने स्क्रीनिंग के लिए सहयोग प्रदान किया।
16 अगस्त का ऐतिहासिक संदर्भ
BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने 16 अगस्त की तारीख से जुड़े दो ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, '16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ में कई लोगों की मौत हुई थी। लेकिन इससे भी बड़ा और गंभीर अध्याय 16 अगस्त 1946 का है, जिसे इतिहास में 'डायरेक्ट एक्शन डे' के नाम से जाना जाता है।' चक्रवर्ती के अनुसार, 1946 की उस हिंसा में करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई थी और महिलाओं के विरुद्ध भी अत्यंत हिंसक घटनाएँ घटी थीं — जिसे इतिहास में 'द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से भी दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस इतिहास को दबाने की कोशिश की।
BJP विधायक की भावनात्मक अपील
चक्रवर्ती ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म को रिलीज के पहले दिन फर्स्ट शो में देखा था और वे इतने भावुक हो गए कि अगले दो दिनों तक किसी से बात नहीं कर पाए। उन्होंने अपील की कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न पंडालों में फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में जान सकें।
फिल्म के बारे में
'द बंगाल फाइल्स' का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है। यह फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों की पृष्ठभूमि में हिंसा और उस दौर की घटनाओं को चित्रित करती है। कहानी में एक सीबीआई अधिकारी शिवा पंडित की भूमिका केंद्र में है, जो एक लड़की के अपहरण की जाँच करते-करते इतिहास के उन अध्यायों तक पहुँचता है। फिल्म में दर्शन कुमार, सिमरत कौर, शाश्वत चटर्जी, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की अवधि करीब साढ़े तीन घंटे है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
आयोजक सौम्यदीप घोष ने फिल्म को 'प्रोपेगेंडा' और 'सांप्रदायिक' बताने वाली आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि 'समाज को बाँटने के बजाय एकता पर ध्यान देना चाहिए — हम सभी बंगाली हैं, हम सभी भारतीय हैं।' यह स्क्रीनिंग ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण और ऐतिहासिक आख्यानों को लेकर बहस तेज है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि दुर्गा पूजा पंडालों में स्क्रीनिंग की BJP की माँग पर राज्य सरकार क्या रुख अपनाती है।