मौजपुर मेट्रो स्टेशन चाकूबाजी: पुलिस ने तीन किशोर आरोपी दबोचे, दो चाकू बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के नीचे हुई चाकूबाजी की वारदात में थाना जाफराबाद पुलिस ने तीन किशोर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 14 सितंबर 2026 को पुलिस ने इस खुलासे की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए गए हैं। यह घटना 12 सितंबर की रात करीब 9 बजे 66 फीट रोड स्थित फुटपाथ पर हुई थी।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की रात मौजपुर मेट्रो स्टेशन के नीचे 66 फीट रोड के फुटपाथ पर कुछ युवकों के बीच मामूली कहासुनी हुई। शिकायतकर्ता पक्ष ने वहाँ मौजूद कुछ लड़कों को किसी बात पर टोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और देखते-देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
इसी दौरान कथित तौर पर दो किशोरों ने चाकू निकालकर 18 वर्षीय कुशल और 18 वर्षीय चिराग पर हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद रुद्रराज (19) और आलोक (18) पर भी हमले की कोशिश की गई, लेकिन वे मौके से बचकर निकल गए।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दोनों घायलों को तुरंत राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुँचाया गया। इसके साथ ही क्राइम और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य इकट्ठे किए। थाना जाफराबाद में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थान पर हुई इस वारदात ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया था, जिसे देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
थाना जाफराबाद की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूत्रों की सहायता से तीनों किशोर आरोपियों की शीघ्र पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल बताए जाने वाले दो चाकू बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले के खुलासे में एसआई योगेश कुमार, एएसआई रामबीर, हेड कांस्टेबल अरुण, कांस्टेबल विनोद और कांस्टेबल अश्विनी की टीम की अहम भूमिका रही। यह सारी कार्रवाई इंस्पेक्टर रूपेश खत्री, एसएचओ थाना जाफराबाद की निगरानी में की गई।
जाँच की स्थिति
पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच अभी जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि पूरी वारदात एक मामूली बहस का नतीजा थी जो हिंसा में तब्दील हो गई।
आने वाले दिनों में आरोपियों की उम्र को देखते हुए मामला किशोर न्याय तंत्र के तहत आगे बढ़ने की संभावना है।