दिल्ली के कबीर नगर में चाकूबाजी: 14 घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के कबीर नगर इलाके में 16 जुलाई 2025 को हुई चाकूबाजी की घटना में वेलकम थाना पुलिस ने महज 14 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित 24 वर्षीय मोहम्मद साजिद पर चार लोगों ने मिलकर चाकू से हमला किया था, जिन्हें अब हत्या की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया खंजरनुमा चाकू भी बरामद कर लिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
16 जुलाई को दोपहर के समय कबीर नगर के सी ब्लॉक, गली नंबर-6 में चाकूबाजी की सूचना मिलने पर वेलकम थाना पुलिस मौके पर पहुँची। जाँच में पता चला कि कुछ युवकों ने मोहम्मद साजिद पर चाकू से हमला किया था। घायल साजिद को तत्काल जग प्रवेश चंद्र अस्पताल (जेपीसी) में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार शुरू हुआ।
साजिद के बयान के आधार पर वेलकम थाने में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया और जाँच शुरू की गई। साजिद ने पुलिस को बताया कि चार लोगों ने उन पर हमला किया था।
पुलिस की कार्रवाई: तकनीकी जानकारी से मिली सफलता
इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूत्रों की जानकारी के आधार पर पहले एक आरोपी का पता लगाया और उसे हिरासत में लिया। उससे पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने अगले 14 घंटों के भीतर शेष तीन आरोपियों को भी दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया खंजरनुमा चाकू भी बरामद कर लिया गया।
आरोपियों की पहचान और वजह
गिरफ्तार आरोपियों में एक 14 वर्षीय नाबालिग, 18 वर्षीय साहिल उर्फ चवन्नी, 21 वर्षीय नाजिम और 19 वर्षीय कादिर उर्फ काले बाबू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, चारों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले पीड़ित साजिद के साथ उनकी कहासुनी हुई थी, जिसके दौरान साजिद ने उनमें से एक को थप्पड़ मार दिया था। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने मिलकर साजिद पर चाकू से हमला करने की योजना बनाई।
जाँच जारी: साजिश की पूरी तस्वीर अभी बाकी
पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच अभी जारी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि वारदात की साजिश किस तरह रची गई और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। गौरतलब है कि शहरी इलाकों में मामूली विवादों के चाकूबाजी में बदलने की यह कोई पहली घटना नहीं है — पुलिस के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई एक बड़ी प्राथमिकता बनती जा रही है।