असम में RVSF को औद्योगिक दर्जा: हिमंता बिस्वा सरमा का वाहन स्क्रैपिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार 'रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज' (RVSF) को असम के योग्य औद्योगिक ढाँचे में शामिल करेगी, जिससे पुरानी और समय-सीमा पूरी कर चुकी गाड़ियों के निपटान की प्रक्रिया को एक मान्यता प्राप्त औद्योगिक गतिविधि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस कदम को 'अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित' वाहन निपटान प्रणाली की दिशा में एक अहम पहल बताया।
मुख्य घोषणा और उसका स्वरूप
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया, 'असम अपने वाहन स्क्रैपिंग इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। अब रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज को राज्य के योग्य औद्योगिक ढाँचे में शामिल किया जाएगा, जिससे पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगी।'
RVSF वे अधिकृत सुविधाएँ हैं जो तय नियामक मानकों के अनुसार उम्र पूरी कर चुके वाहनों को प्रोसेस करती हैं। इन्हें राज्य के औद्योगिक ढाँचे में शामिल करने से इस क्षेत्र में संस्थागत निवेश और विशेष रीसाइक्लिंग अवसंरचना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस फैसले से क्या बदलेगा
योग्य औद्योगिक ढाँचे में शामिल होने के बाद RVSF को राज्य की औद्योगिक नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन, भूमि आवंटन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर मिल सकता है। इससे स्क्रैपिंग सुविधाओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि संभव है।
गौरतलब है कि वर्तमान में देश के अधिकांश राज्यों में वाहन स्क्रैपिंग असंगठित क्षेत्र में होती है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और अनुचित सामग्री पुनर्चक्रण की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। असम का यह कदम इस क्षेत्र को औपचारिक रूप देने की बड़ी राष्ट्रीय कोशिश के अनुरूप है।
पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर असर
एक व्यवस्थित स्क्रैपिंग नेटवर्क सड़कों पर अनफिट वाहनों की संख्या घटाने में सहायक हो सकता है, क्योंकि ये पुरानी गाड़ियाँ अधिक प्रदूषण फैलाती हैं और दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ाती हैं। व्यवस्थित स्क्रैपिंग से इस्तेमाल योग्य पुर्ज़ों और कच्चे माल की पुनर्चक्रण दर में भी सुधार होगा।
यह पहल केंद्र सरकार की राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपिंग नीति के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य अनफिट वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाना और हरित गतिशीलता को बढ़ावा देना है।
रोजगार और निवेश की संभावनाएँ
विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन स्क्रैपिंग को औद्योगिक दर्जा मिलने से असम में इस क्षेत्र में निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है और कुशल तकनीशियनों, मैकेनिकों एवं रीसाइक्लिंग कर्मियों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालाँकि, पात्रता शर्तों, प्रोत्साहन के स्वरूप और क्रियान्वयन की समय-सीमा के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश अभी आने बाकी हैं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सरमा की इस घोषणा के बाद RVSF की पात्रता शर्तों, उपलब्ध प्रोत्साहनों और लागू करने के तरीके पर विस्तृत नीतिगत दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है। यह पहल असम की व्यापक औद्योगिक नीति में हरित क्षेत्रों को एकीकृत करने की दिशा में एक संकेत है, और राज्य में वाहन स्क्रैपिंग को एक मान्यता प्राप्त उद्योग के रूप में स्थापित करने की नींव रख सकती है।