24वीं कैग रिपोर्ट में ₹3,500 करोड़ की अनियमितता, केजरीवाल सरकार पर जीएसटी चोरी में मिलीभगत का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने 9 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में 24वीं कैग रिपोर्ट के हवाले से पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, 31 मार्च 2023 तक की इस रिपोर्ट में ₹3,500 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितताएँ दर्ज हैं। वर्मा ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार का लिखित प्रमाण बताया।
कैग रिपोर्ट में क्या सामने आया
प्रवेश वर्मा ने बताया कि कैग के अनुसार दिल्ली की जनता का ₹70,410 करोड़ का जीएसटी बकाया था, जिसमें से 65 प्रतिशत राशि पाँच वर्षों से अधिक समय से वसूल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग ने बकायेदार उद्योगपतियों के साथ सांठगांठ की और उनकी देनदारियाँ वर्षों तक लंबित रहने दी।
रिपोर्ट के अनुसार, 8,334 करदाताओं का जीएसटी पंजीकरण रद्द हो चुका था, फिर भी उन्होंने ₹68,680 करोड़ के ई-वे बिल जनरेट किए। इसके अलावा, 4,076 ऐसे लोग थे जो टैक्स रिटर्न नहीं भरते थे, लेकिन उन्होंने ₹11,635 करोड़ के ई-वे बिल बनाए।
कार्रवाई में भारी लापरवाही का आरोप
मंत्री वर्मा ने कहा कि कुल 6.10 करोड़ ई-वे बिल जनरेट हुए, जिनमें से केवल 70 मामलों में — यानी लगभग 0.10 प्रतिशत में — ही कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि सरकार के पास पूरे आँकड़े उपलब्ध थे, फिर भी जानबूझकर कार्रवाई से परहेज किया गया। वर्मा के अनुसार, यह निष्क्रियता कथित तौर पर रिश्वत वसूलने और कारोबारियों को डरा-धमकाकर उगाही करने के लिए अपनाई गई नीति थी।
भाजपा सरकार का ऑडिट अभियान
प्रवेश वर्मा ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनने के बाद डेढ़ वर्ष में 24 कैग रिपोर्टें प्रस्तुत की जा चुकी हैं, जबकि AAP के कार्यकाल में ऑडिट प्रक्रिया को ठप रखा गया था। उनके अनुसार, हर रिपोर्ट में सैकड़ों से हजारों करोड़ रुपये की अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। यह 24वीं रिपोर्ट विधानसभा के मानसून सत्र में पेश की गई।
AAP पर सीधा निशाना
वर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्री और जीएसटी विभाग के अधिकारी — सभी को इन अनियमितताओं की जानकारी थी। उनके अनुसार, टैक्स चोरी की जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर आँखें मूँद ली गईं। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब AAP पहले से ही कई विवादों में घिरी है और दिल्ली में विपक्ष की भूमिका में है।
आगे क्या
कैग रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी या विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। AAP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।