AAP सरकार पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा हमला: ₹20,000 करोड़ खर्च न होने और घोटाले के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024-25 के ₹80,798 करोड़ के बजट में से पूर्व सरकार ने केवल ₹61,000 करोड़ ही खर्च किए — यानी करीब ₹20,000 करोड़ की राशि जनता के हित में उपयोग नहीं की गई।
मुख्य आरोप: बजट का इस्तेमाल नहीं, घोटाले की मंशा
रेखा गुप्ता ने सदन में कहा कि पूर्व सरकार के पास धनराशि उपलब्ध थी, फिर भी उसे जनकल्याण पर खर्च नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार का ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि घोटाला कहाँ से किया जाए और जनता का पैसा कहाँ से गबन हो। उनके अनुसार, जो राशि खर्च की गई वह भी कथित तौर पर गलत कार्यों में लगाई गई।
मुख्यमंत्री ने यमुना सफाई, नए स्कूल, सड़क निर्माण और जन-कल्याण योजनाओं पर भी पूर्व सरकार को घेरा। उनका कहना था कि इन प्राथमिकताओं में से किसी पर भी गंभीरता से काम नहीं हुआ।
CAG रिपोर्ट का हवाला, PAC जाँच जारी
रेखा गुप्ता ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सर्वोच्च संवैधानिक ऑडिट संस्था ने पूर्व सरकार की गड़बड़ियों को विस्तार से उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार के कार्यकाल में CAG को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया और लोक लेखा समिति (PAC) की कोई बैठक नहीं हुई।
उन्होंने कहा, सब कुछ छिपाकर रखा गया था।
वर्तमान सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर PAC लगातार जाँच कर रही है।
गरीब मज़दूरों के कल्याण पर एक रुपया नहीं
मुख्यमंत्री ने CAG रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि पूर्व सरकार ने गरीब मज़दूरों की भलाई पर या उनकी कल्याणकारी योजनाओं पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। उन्होंने कहा कि AAP के दावे — कि उन्होंने 'बहुत बढ़िया काम किया' — CAG के आँकड़ों से मेल नहीं खाते।
वर्तमान सरकार का GST रिफंड रिकॉर्ड
अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि 2025-26 में उनकी सरकार ने ₹1,313 करोड़ का GST रिफंड दिया है। 2026-27 में आधा वर्ष बीतने से पहले ही ₹550 करोड़ का GST रिफंड जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों का पैसा समय पर उन तक पहुँचे।
आगे क्या
मुख्यमंत्री ने माँग की कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं की विधिवत जाँच होनी चाहिए। PAC की जाँच जारी है और CAG रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह टकराव दिल्ली की राजनीति में BJP और AAP के बीच जारी वाकयुद्ध का नया अध्याय है।