‘शीश महल’ का सच: सीएम रेखा गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल पर किया तीखा हमला
सारांश
Key Takeaways
- शीश महल का निर्माण जनता के पैसे से हुआ है।
- वीडियो के माध्यम से भ्रष्टाचार की सच्चाई उजागर हुई है।
- मुख्यमंत्री ने जवाबदेही की बात की है।
- दिल्लीवासियों को अपने धन के उपयोग के बारे में जानने का अधिकार है।
- इस मामले की जांच पीएसी के जरिए की जा रही है।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘शीश महल’ से संबंधित वीडियो के सार्वजनिक होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अब सत्य को छिपाना संभव नहीं है। जो चीज़ें वर्षों से छुपाई गईं, वे अब पूरी दिल्ली की जनता के समक्ष हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के निवासियों को लंबे समय से ‘शीश महल’ की वास्तविकता जानने का इंतजार था, और अब जब वीडियो सामने आया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि किस प्रकार ‘आम आदमी’ के नाम पर सत्ता में आए लोगों ने जनता के धन से अपने लिए एक शाही महल तैयार किया। यह शीश महल केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार, अहंकार और जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात का जीवंत प्रमाण है। साथ ही, यह नैतिक पतन का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वीडियो में दिखाए गए दृश्य दर्शाते हैं कि कैसे सत्ता का दुरुपयोग कर विलासिता की हर सीमा पार की गई। दिल्ली के निवासियों को देखना चाहिए कि जिन लोगों को उन्होंने सेवा के लिए चुना, उन्होंने जनता के पैसे से किस प्रकार अपनी ऐशो-आराम की दुनिया बनाई। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि वे न गाड़ी लेंगे, न बंगला लेंगे, उन्होंने पर्दे के पीछे जनता के पैसे से अपने लिए ऐसा महल खड़ा किया, जिसमें आम आदमी का कोई स्थान नहीं था।
मुख्यमंत्री ने ‘शीश महल’ के निर्माण में हुए खर्च पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जो परियोजना प्रारंभ में लगभग 8 करोड़ रुपये की थी, वह बढ़कर 62 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह वृद्धि अपने आप में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। उन्होंने बताया कि इस महल में 50 एसी, दर्जनों पंखे, महंगे इंटीरियर्स, विदेशी कॉफी मशीनें, हाई-एंड उपकरण और लाखों रुपये की सुविधाएं लगाई गईं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न कार्यों के लिए कई निजी कंसल्टेंट्स नियुक्त किए गए, जिससे लागत और बढ़ी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शीश महल’ के नाम पर जो कुछ सामने आया है, वह दिल्ली के इतिहास में भ्रष्टाचार का एक काला अध्याय है। ‘शीश महल’ बनाने में प्रारंभिक लागत से कई गुना अधिक खर्च, लग्जरी सुविधाएं, महंगे उपकरण और निजी कंसल्टेंट्स की फौज – यह सब दर्शाता है कि किस प्रकार नियमों और नैतिकता को पूरी तरह कुचल दिया गया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की जनता महामारी और आर्थिक संकट से जूझ रही थी, तब पूर्व सरकार में सत्ता में बैठे लोग अपने लिए महल सजाने और ‘वर्ल्ड क्लास’ इंटीरियर्स बनवाने में व्यस्त थे। यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है।
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे इस वीडियो को देखें और खुद निर्धारित करें कि उनके साथ क्या हुआ है। दिल्ली की जनता का यह जानने का पूरा अधिकार है कि जिन लोगों को उन्होंने सेवा के लिए चुना, उन्होंने उनके पैसों का किस तरह इस्तेमाल किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि उनकी सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच पहले ही शुरू की जा चुकी है और लोक लेखा समिति (पीएसी) के माध्यम से विस्तृत जांच सुनिश्चित की जा रही है। दिल्ली सरकार जनता के हर पैसे का हिसाब देगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।