शाहजहानाबाद पुनर्विकास बोर्ड का नाम बदलेगी दिल्ली सरकार, सीएम रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
सारांश
Key Takeaways
- शाहजहानाबाद पुनर्विकास बोर्ड का नाम बदला जाएगा।
- भ्रष्टाचार के आरोप पूर्व सरकार पर लगे हैं।
- सीएम रेखा गुप्ता ने बोर्ड के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया।
- पुरानी दिल्ली में 28 सड़कों पर कार्य चल रहा है।
- गैस सिलेंडर की कमी पर केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को शाहजहानाबाद पुनर्विकास बोर्ड की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर धोखाधड़ी का माहौल बनाया गया था। अब इस बोर्ड के जीर्णोद्धार का समय आ गया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि वर्षों बाद इस बोर्ड की बैठक आयोजित की गई है। जब मैंने इसके दस्तावेजों का अध्ययन किया, तो पता चला कि जो सरकार अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटती थी, वह भ्रष्टाचार की बड़ी कहानी है। 2018 से जो विकास कार्य शुरू हुआ, वह 65 करोड़ से बढ़कर 148 करोड़ तक पहुँच गया है और आज भी इस राशि की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और मंत्री की गतिविधियों का पूरा विवरण बोर्ड की कार्रवाई में दर्ज है। विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है। अब हम न केवल इसका नाम बदलेंगे, बल्कि आवश्यक कार्य भी प्रारंभ करेंगे। हम एक अत्यंत खूबसूरत क्षेत्र का विकास करेंगे। अब पूरा बोर्ड सक्रियता से काम करेगा।
दिल्ली सीएम ने जानकारी दी कि पुरानी दिल्ली की 28 सड़कों पर 160 करोड़ की लागत से कार्य चल रहा है। अन्य क्षेत्रों में हम इलेक्ट्रिक वायर को अंडरग्राउंड करेंगे और टॉयलेट्स को व्यवस्थित करेंगे। इसके अलावा, टाउन हॉल भी बनाया जाएगा। पुरानी दिल्ली दिल्ली का दिल है, इसलिए विकास उसी विरासत को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पुरानी दिल्ली के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब यह बोर्ड दिल्ली की सांस्कृतिक धरोहर और पुरानी आबादी क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस पर चर्चा आज से शुरू हो गई है। हम सभी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे।
गैस सिलेंडर की किल्लत पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार कहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है। केवल कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने कोरोना काल के बाद भय पैदा कर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास किया है। अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने तो लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए तरसाने का काम किया था, जिस पर हाईकोर्ट को भी टिप्पणी करनी पड़ी थी।