सीएजी रिपोर्ट पर रेखा गुप्ता का केजरीवाल पर सीधा हमला, बोले- शीशमहल की बजाय जनता का ध्यान रखें
सारांश
Key Takeaways
- रेखा गुप्ता ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए।
- शीशमहल बनाने की बात की गई।
- सीएजी रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की गई।
- जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप।
- राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने इसी सदन से बैठकर दिल्ली की जनता को बेवकूफ बना दिया था और गुमराह किया। मैं अक्सर इस सीट पर बैठकर सोचती हूं। वह शीला दीक्षित के 10 एसी की बात करते थे, लेकिन उन्होंने 50 एसी और 70 पंखों के साथ कौन सा महल बनाया था, जो कि शीला दीक्षित के 10 एसी से कम था।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया में करोड़ों लोग मरे थे, देश में लाखों लोग परेशान थे, और दिल्ली में हजारों लोग अस्पतालों में थे, तब केजरीवाल साहब अपने लिए शीशमहल बना रहे थे। तब उनकी पार्टी के नेताओं ने शेड्यूल बुक करके नहीं बताया कि जनता के लिए कुछ करें, अस्पतालों के लिए कुछ करें।
रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके महल के सामने 18 लाख रुपए की कॉफी मशीन है। उस महल के सामने सारे घर धर्मशाला हैं। मैं भी धर्मशाला में हूं, अध्यक्ष भी धर्मशाला में हैं, और दिल्ली की जनता भी धर्मशाला में है। उस महल के सामने सब धर्मशाला है। महल है तो बस शीश महल है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली बर्बाद तब हो रही थी जब वह दिल्ली में बैठकर जनता को नोच रहे थे, उनके खून-पसीने की कमाई को नोच रहे थे। करोड़ों रुपए कंसलटेंट को दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि आपके समय में 8 करोड़ का टेंडर 62 करोड़ का कैसे हो गया?
अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए सीएम ने कहा कि वह सचिवालय नहीं जाते थे। सीएजी उनकी धोखाधड़ी का पुलिंदा है, जिस प्रकार का गबन उन्होंने किया, दिल्ली की जनता का पैसा खाया, आम आदमी बोलकर जो गबन किया, यह पुलिंदा इस चीज का है। कहते थे राजनीति बदलेंगे, मगर पुराना घर बदल दिया। एक करोड़ के पर्दों में नंगी सच्चाई छिपी थी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि शीश महल के अंदर जनाब थे और बाहर आम आदमी की लंबी कतारें लगी थीं। दिल्ली की जनता दम घुटने से मर रही थी, लेकिन अपने घर में उन्होंने क्लाइमेट कंट्रोल लगा रखा था। इस रिपोर्ट पर कार्रवाई होनी चाहिए। सभी गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए।