शीश महल विवाद: CM रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को बताया 'दिल्ली का रहमान डकैत'
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली CM रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा ने 25 अप्रैल 2025 को केजरीवाल को 'दिल्ली का रहमान डकैत' कहा।
- शीश महल में कथित रूप से ₹1.5 करोड़ की रसोई, ₹95 लाख के स्विच, ₹88 लाख का झूमर और ₹28 लाख का टीवी लगाया गया था।
- प्रवेश वर्मा ने 'धुरंधर पार्ट 3' नाम से एक व्यंग्य वीडियो जारी कर सिविल लाइंस आवास का वर्चुअल टूर दिखाया।
- राघव चड्ढा के नेतृत्व में AAP के राज्यसभा सांसदों के एक समूह ने BJP में शामिल होने का फैसला किया।
- CM रेखा गुप्ता ने चेतावनी दी कि दिल्ली के बाद पंजाब में भी AAP की विदाई होगी।
- केजरीवाल ने पहले हलफनामे में सरकारी आवास न लेने की कसम खाई थी — यह विरोधाभास BJP के हमले का मुख्य आधार है।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल: शीश महल विवाद एक बार फिर सियासी केंद्र में आ गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार, 25 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'दिल्ली का रहमान डकैत' करार दिया। यह तुलना बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' के एक अंडरवर्ल्ड किरदार से की गई है। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सिविल लाइंस स्थित पूर्व मुख्यमंत्री आवास में जनता के पैसों की कथित बर्बादी का ब्यौरा सार्वजनिक किया।
CM रेखा गुप्ता का AAP पर सीधा वार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "'आप', जिसने क्रांति के नारे के साथ शुरुआत की थी, अब अविश्वास और अलगाव के कारण अपने अंत की ओर बढ़ रही है। आपकी पार्टी में अब कोई आम आदमी नहीं बचा है; सिर्फ भ्रष्ट लोग ही रह गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मिस्टर केजरीवाल, राज्यसभा के दो-तिहाई सांसदों का पार्टी छोड़कर जाना आपकी तानाशाही पर सीधा वार है। दिल्ली के बाद, अब पंजाब की बारी है।" इस बयान में उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी AAP की स्थिति कमजोर पड़ सकती है।
प्रवेश वर्मा का 'धुरंधर पार्ट 3' वीडियो — शीश महल के खर्चों का खुलासा
मंत्री प्रवेश वर्मा ने 'धुरंधर पार्ट 3' शीर्षक से एक व्यंग्यात्मक वीडियो जारी किया, जिसमें वे दर्शकों को सिविल लाइंस स्थित केजरीवाल के पूर्व सरकारी आवास का वर्चुअल भ्रमण कराते हैं। यह आवास फिलहाल सील है।
वीडियो में उन्होंने निम्नलिखित खर्चों का उल्लेख किया:
- रसोई: ₹1.5 करोड़
- इलेक्ट्रिक स्विच: ₹95 लाख
- झूमर: ₹88 लाख
- टेलीविजन: ₹28 लाख
- मासिक बिजली बिल: ₹5 लाख
इसके अलावा वर्मा ने वियतनाम के संगमरमर के फर्श, रेशमी कालीन, आलीशान बाथरूम फिटिंग्स और ऑटोमैटिक पर्दों का भी जिक्र किया।
विरोधाभास: 'गरीब आम आदमी' की छवि और महल जैसी जीवनशैली
प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल की उस छवि पर तीखा कटाक्ष किया, जिसे उन्होंने शर्ट की जेब में 2 रुपए का पेन रखकर और ओवर-साइज कपड़े पहनकर बनाई थी। उन्होंने कहा, "वह कहा करते थे कि मैं बंगला नहीं लूंगा, मैं घर नहीं लूंगा — लेकिन अब साफ हो गया है कि उनका मतलब था कि मैं कोई 'साधारण' घर नहीं लूंगा। मैं महल तो लूंगा।"
वर्मा ने यह भी याद दिलाया कि केजरीवाल ने एक हलफनामे में कसम खाई थी कि वे कभी सरकारी आवास स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह की तस्वीरों का उपयोग अपनी 'ईमानदार राजनीति' की छवि बनाने के लिए किए जाने पर भी सवाल उठाए।
AAP में टूट का राजनीतिक संदर्भ
यह हमला ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब राघव चड्ढा के नेतृत्व में AAP के राज्यसभा सांसदों के एक समूह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया है। इन सांसदों ने कहा है कि 'पार्टी ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है।'
गौरतलब है कि 2022 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को करारी हार का सामना करना पड़ा था और BJP ने सत्ता वापस हासिल की। उसके बाद से पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता रहा है। शीश महल का मुद्दा BJP के लिए एक मजबूत चुनावी हथियार बन चुका है, जिसका उपयोग वह पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP की आंतरिक टूट और शीश महल विवाद का मिला-जुला असर पार्टी की राष्ट्रीय विश्वसनीयता पर गहरा असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि केजरीवाल इन आरोपों का जवाब किस रणनीति से देते हैं।