आलीशान आदमी पार्टी: प्रवेश वर्मा का केजरीवाल के नए 'शीश महल' पर बड़ा हमला

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आलीशान आदमी पार्टी: प्रवेश वर्मा का केजरीवाल के नए 'शीश महल' पर बड़ा हमला

सारांश

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के नए सरकारी आवास 95, लोधी एस्टेट को 'शीश महल' बताते हुए AAP को 'आलीशान आदमी पार्टी' कहा। उन्होंने पूछा — इस महल में किसका निजी पैसा लगा है और क्या जनता को इसे देखने दिया जाएगा?

Key Takeaways

  • दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा ने 25 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरविंद केजरीवाल के नए आवास पर तीखा हमला बोला।
  • केजरीवाल का नया सरकारी आवास 95, लोधी एस्टेट, नई दिल्ली में है, जिसे वर्मा ने 'शीश महल' करार दिया।
  • वर्मा ने आरोप लगाया कि इस सरकारी घर में लगा एक-एक पैसा निजी है, सरकारी नहीं।
  • भाजपा ने मांग की कि इस आवास पर हुए खर्च का हिसाब और उसमें लगी कंपनियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।
  • केजरीवाल ने अन्ना आंदोलन के दौरान एक रुपये के स्टाम्प पेपर पर बंगला न लेने का हलफनामा दिया था।
  • वर्मा ने AAP का नाम बदलकर 'आलीशान आदमी पार्टी' रखने की मांग करते हुए केजरीवाल को 'आजाद भारत का सबसे खर्चीले शौक वाला नेता' बताया।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार, 25 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने केजरीवाल के नए सरकारी आवास 95, लोधी एस्टेट को 'शीश महल' करार देते हुए कहा कि जो नेता सादगी का उपदेश देते थे, वे अब नवाबों की तरह जी रहे हैं। भाजपा ने मांग की है कि इस आवास पर हुए खर्च का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाए।

सादगी के वादे और आलीशान जीवनशैली का विरोधाभास

प्रवेश वर्मा ने प्रेसवार्ता में कहा, 'आज एक बार फिर आपके सामने वे लोग हैं जो दिल्ली की जनता को धोखा देते आ रहे हैं।' उन्होंने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल ने अन्ना आंदोलन के दौर में एक रुपये के स्टाम्प पेपर पर हलफनामा दिया था कि वे न सरकारी घर लेंगे, न बंगला और न सरकारी गाड़ी।

वर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीरों की आड़ लेकर जनता का विश्वास जीतने वाले केजरीवाल आज राजा-महाराजाओं जैसी जीवनशैली अपना रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी नहीं, बल्कि आलीशान आदमी पार्टी होना चाहिए।'

95, लोधी एस्टेट पर उठे सवाल

प्रवेश वर्मा ने बताया कि केजरीवाल वर्षों तक अदालतों में जाकर सरकारी आवास की मांग करते रहे और अब जब उन्हें 95, लोधी एस्टेट में आवास मिला है, तो उसकी भव्यता किसी आलीशान होटल के सुइट से कम नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया, 'जिस व्यक्ति ने दिल्लीवासियों को दो कमरों का फ्लैट देने का वादा किया था, उसे बार-बार ऐसे शीश महल बनाने की जरूरत क्यों पड़ती है?' वर्मा ने आरोप लगाया कि यह सरकारी घर है, लेकिन इसमें लगा पैसा सरकारी नहीं, बल्कि निजी है।

पहले 'शीश महल' से नया 'शीश महल' — पैटर्न पर सवाल

गौरतलब है कि इससे पहले 6, फ्लैगशिप रोड स्थित केजरीवाल के सरकारी बंगले को भी भाजपा और मीडिया ने 'शीश महल' नाम दिया था। उस समय दिल्ली शराब नीति घोटाले के संदर्भ में आरोप लगाए गए थे कि बंगले के नवीनीकरण में शराब ठेकेदारों का पैसा लगा था।

प्रवेश वर्मा ने इस बार फिर वही सवाल दोहराया — 'इस नए शीश महल में किन कंपनियों का पैसा लगा है? यह पैसा कहां से आया? और क्या दिल्ली की जनता को अंदर आकर इसे देखने की इजाजत मिलेगी?'

भाजपा का यह हमला ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी फरवरी 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद विपक्ष की भूमिका में है और केजरीवाल खुद को फिर से जनता के बीच स्थापित करने की कोशिश में हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

अरविंद केजरीवाल 2011 के अन्ना आंदोलन से उभरे थे और उनकी छवि एक आम मध्यवर्गीय नेता की रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शराब नीति मामले में गिरफ्तारी, ईडी और सीबीआई की जांच और अब नए आलीशान आवास को लेकर उठे सवालों ने उनकी 'आम आदमी' वाली छवि को चुनौती दी है।

भाजपा लगातार इस विरोधाभास को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में सबसे खर्चीले शौक वाला व्यक्ति अगर कोई है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं, जिनके शौक नवाबों जैसे हैं।

आने वाले दिनों में AAP की ओर से इन आरोपों का जवाब आना अपेक्षित है। यह विवाद दिल्ली की राजनीति में नई गरमाहट लाने के साथ ही 2025-26 के नगर निगम और अन्य स्थानीय चुनावों पर भी असर डाल सकता है।

Point of View

लेकिन हर बार यह विवाद उठने पर AAP की राजनीतिक विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुंचती है। असली सवाल यह है कि एक सरकारी आवास में निजी पैसा कैसे और क्यों लगाया जाता है — यह पारदर्शिता का मुद्दा है, सिर्फ राजनीतिक तंज का नहीं। भाजपा इस मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में भुना रही है, लेकिन मुख्यधारा की मीडिया उस वित्तीय जवाबदेही के सवाल को नजरअंदाज कर रही है जो असल में जनहित में है। जब तक इस आवास के खर्च का सार्वजनिक ऑडिट नहीं होता, यह विवाद दिल्ली की राजनीति में जिंदा रहेगा।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के नए घर पर क्या आरोप लगाए?
प्रवेश वर्मा ने 95, लोधी एस्टेट स्थित केजरीवाल के नए सरकारी आवास को 'शीश महल' बताया और कहा कि इसमें लगा पैसा सरकारी नहीं, निजी है। उन्होंने पूछा कि किन कंपनियों का पैसा इस घर में लगाया गया है।
केजरीवाल का नया सरकारी आवास कहां है?
अरविंद केजरीवाल का नया सरकारी आवास दिल्ली के 95, लोधी एस्टेट में है। वे वर्षों तक अदालतों में जाकर सरकारी घर की मांग करते रहे थे।
'आलीशान आदमी पार्टी' किसने और क्यों कहा?
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने AAP को 'आलीशान आदमी पार्टी' कहा। उनका तर्क था कि जो नेता खुद को आम आदमी बताते हैं, वे नवाबों जैसी जिंदगी जी रहे हैं।
केजरीवाल ने पहले सरकारी घर न लेने का वादा कब किया था?
केजरीवाल ने अन्ना आंदोलन के दौर में एक रुपये के स्टाम्प पेपर पर हलफनामा दिया था कि वे सरकारी घर, बंगला और गाड़ी नहीं लेंगे। भाजपा इसी वादे को याद दिलाकर उन पर हमला कर रही है।
क्या केजरीवाल के पहले वाले घर पर भी विवाद हुआ था?
हां, 6, फ्लैगशिप रोड स्थित केजरीवाल के पुराने सरकारी बंगले को भी 'शीश महल' कहा गया था। उस पर आरोप था कि दिल्ली शराब नीति घोटाले के पैसे से उसका नवीनीकरण हुआ था।
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