बड़ा फैसला: एलन मस्क ने ट्रायल से पहले ओपनएआई पर धोखाधड़ी के आरोप वापस लिए, सिर्फ 2 दावे बचे
सारांश
Key Takeaways
- एलन मस्क ने ओपनएआई के खिलाफ दायर मुकदमे से ट्रायल से पहले धोखाधड़ी समेत 24 आरोप वापस लिए।
- नवंबर 2024 में दायर 26 आरोपों में से अब केवल 2 दावे — अनुचित लाभ और चैरिटेबल ट्रस्ट उल्लंघन — शेष हैं।
- कैलिफोर्निया की जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने मस्क को केस सीमित करने की अनुमति दी।
- मस्क 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग कर रहे हैं, जो ओपनएआई की चैरिटेबल शाखा को मिलनी चाहिए।
- ओकलैंड फेडरल कोर्ट में जूरी चयन सोमवार से शुरू होगा और ट्रायल दो चरणों में होगा।
- मस्क ने 2015 में ओपनएआई की स्थापना की, 2018 में बोर्ड छोड़ा और 2023 में प्रतिद्वंद्वी कंपनी एक्सएआई लॉन्च की।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई और उसके सह-संस्थापकों सैम ऑल्टमैन व ग्रेग ब्रॉकमैन के खिलाफ दायर मुकदमे से धोखाधड़ी के सभी प्रमुख आरोप ट्रायल शुरू होने से ठीक पहले वापस ले लिए हैं। कैलिफोर्निया की फेडरल जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने मस्क को केस सीमित करने की अनुमति दी, जिससे नवंबर 2024 में दायर मुकदमे के 26 आरोपों में से केवल 2 दावे — अनुचित लाभ और चैरिटेबल ट्रस्ट का उल्लंघन — अब शेष रह गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम: क्या बचा और क्या हटा?
कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट में सोमवार से जूरी का चयन प्रक्रिया आरंभ होगी। यह ट्रायल दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में जूरी दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर एक गैर-बाध्यकारी सलाहकारी फैसला देगी, जबकि दूसरे चरण में जज यह निर्धारित करेंगे कि मस्क की मांगों पर क्या कार्रवाई की जाए।
मस्क के इस कदम को कानूनी विशेषज्ञ एक रणनीतिक पुनर्संरचना के रूप में देख रहे हैं। धोखाधड़ी के आरोप साबित करना कानूनी रूप से कठिन होता है और इसके लिए इरादे का प्रमाण जरूरी होता है। ऐसे में शेष दो दावों पर ध्यान केंद्रित करना मस्क की कानूनी टीम की सोची-समझी चाल मानी जा रही है।
मस्क की मांगें और हर्जाने का दावा
एलन मस्क इस मुकदमे में करीब 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि वे केस जीतते हैं, तो यह पूरी राशि ओपनएआई की चैरिटेबल शाखा को सौंपी जाए, न कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से। इसके अतिरिक्त मस्क ने कोर्ट से यह भी मांग की है कि ओपनएआई को पुनः गैर-लाभकारी संस्था घोषित किया जाए और सैम ऑल्टमैन व ग्रेग ब्रॉकमैन को उनके पदों से बर्खास्त किया जाए।
मस्क का मूल आरोप यह है कि ओपनएआई ने अपनी स्थापना के समय की गैर-लाभकारी मानवहित की प्रतिज्ञा को तोड़ा है। उनके अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट से अरबों डॉलर की फंडिंग लेने के बाद कंपनी ने खुद को एक मुनाफाखोर व्यावसायिक इकाई में बदल लिया, जो उसके संस्थापक उद्देश्य के विरुद्ध है।
ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट का पक्ष
ओपनएआई, उसके वरिष्ठ अधिकारी और माइक्रोसॉफ्ट — तीनों ने मस्क के सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक करार दिया है। कंपनी का तर्क है कि मस्क ट्रायल की पूर्व संध्या पर नई-नई मांगें जोड़ रहे हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। सैम ऑल्टमैन पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि मस्क के दावे तथ्यों पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता पर आधारित हैं।
गहरा संदर्भ: मस्क बनाम ओपनएआई — असली दांव क्या है?
एलन मस्क ने 2015 में सैम ऑल्टमैन के साथ मिलकर ओपनएआई की सह-स्थापना की थी। 2018 में वे इसके बोर्ड से अलग हो गए। इसके बाद 2023 में उन्होंने अपनी प्रतिस्पर्धी एआई कंपनी एक्सएआई लॉन्च की। यह तथ्य इस पूरे मुकदमे को एक नई रोशनी में देखने पर मजबूर करता है।
विश्लेषक इस बात पर ध्यान दिला रहे हैं कि ओपनएआई इस समय फॉर-प्रॉफिट ढांचे में रूपांतरण की प्रक्रिया में है, जिसकी अनुमानित बाजार वैल्यू 300 अरब डॉलर से अधिक आंकी जा रही है। यदि मस्क इस पुनर्गठन को अदालत के जरिए रोकने में सफल होते हैं, तो इससे वैश्विक एआई उद्योग पर गहरा असर पड़ेगा और एक्सएआई को सीधा लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 की शुरुआत में ही मस्क ने ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन को हटाने की मांग दोहराई थी। यह लगातार बढ़ती कानूनी आक्रामकता दर्शाती है कि मस्क इस केस को महज कानूनी विवाद नहीं, बल्कि एआई के भविष्य की दिशा तय करने की लड़ाई मान रहे हैं।
आने वाले दिनों में ओकलैंड फेडरल कोर्ट में जूरी ट्रायल की कार्यवाही यह तय करेगी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सबसे बड़े व्यावसायिक विवाद का अगला अध्याय किस दिशा में जाएगा।