₹650 करोड़ घोटाले पर BJP के हर्ष मल्होत्रा का पलटवार, CM रेखा गुप्ता ने ACB जांच के दिए आदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 1 जुलाई 2026 को ₹650 करोड़ के कथित घोटाले पर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के आरोपों को खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संभावित अनियमितता का स्वयं संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मल्होत्रा ने बुधवार को एक बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने स्वयं आगे बढ़कर ACB जांच के आदेश दिए हों। उन्होंने सवाल किया, 'अब तक किस मुख्यमंत्री ने ऐसा साहसिक कदम उठाया है?' उनके अनुसार, यह कदम भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रमाण है।
AAP पर निशाना
मल्होत्रा ने पूर्ववर्ती AAP सरकार पर भी हमला बोलते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों के शासनकाल में विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उनके अनुसार, उस दौर में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की सख्ती नहीं बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे ACB की जांच आगे बढ़ेगी, कथित रूप से भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के नाम सामने आते जाएंगे।
सौरभ भारद्वाज के आंकड़ों पर सवाल
AAP नेता सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए मल्होत्रा ने कहा कि वह अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे हैं, जबकि ACB की जांच अभी शुरू हुई है। उन्होंने सवाल किया कि ये आंकड़े कहाँ से आ रहे हैं और यह भी कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि भारद्वाज का नेटवर्क मामले से जुड़े लोगों के संपर्क में हो। गौरतलब है कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही दोनों दलों के बीच सियासी तनाव चरम पर है।
सरकार का रुख
मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अपने निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार कार्य करता है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और दिल्ली, दोनों स्तरों पर BJP सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा
ACB की जांच के आगे बढ़ने के साथ ही इस कथित घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है। मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दिल्ली की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रहा है।