दिल्ली विधानसभा में 'आप' का प्रदर्शन: ₹650 करोड़ दवा घोटाले पर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा परिसर में 7 अगस्त 2025 को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने कथित ₹650 करोड़ के दवा एवं स्वास्थ्य उपकरण घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। AAP विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा के नेतृत्व में विधायक ओआरएस पैकेट की माला पहनकर सदन पहुँचे और स्वास्थ्य मंत्री के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
प्रदर्शन का स्वरूप और मुख्य माँगें
AAP विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाज़ी करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। संजीव झा ने आरोप लगाया कि विधानसभा का सत्र बिना प्रश्नकाल के चलाया जा रहा है, जिससे सरकार जवाबदेही से बचने में सफल हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा न लिया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार पूरे मामले पर पर्दा डालना चाहती है।
एसीबी की एफआईआर और मुख्य आरोपी पर सवाल
दिल्ली प्रदेश AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कथित ₹650 करोड़ के स्वास्थ्य एवं दवा घोटाले में एफआईआर दर्ज की है, लेकिन मुख्य आरोपी को देश से बाहर जाने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
खरीद में कई गुना अधिक कीमत के आरोप
कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें तीन गुना, दवाइयाँ चार गुना और ओआरएस घोल पाँच गुना अधिक कीमत पर खरीदा। उन्होंने दावा किया कि इस कथित घोटाले के कारण दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी हो गई है और मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विपक्ष की अन्य माँगें और लक्ष्मी योजना पर निशाना
तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर भी BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को ₹2,500 देने का वादा किया गया था, लेकिन योजना में इतनी शर्तें जोड़ी गई हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएँ इसके दायरे से बाहर हो गई हैं। करोल बाग से विधायक विशेष रवि ने कहा कि विधानसभा के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण विपक्ष को सदन के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा।
जाँच की माँग और आगे की राह
विशेष रवि ने माँग की कि पूरे मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और ACB से कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर टकराव लगातार तेज़ होता जा रहा है। BJP सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।