LBS अस्पताल निरीक्षण: AAP ने BJP सरकार पर बेडशीट और दवा खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 जुलाई को पूर्वी दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल का औचक निरीक्षण कर दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सरकारी अस्पतालों में बेडशीट और दवा खरीद में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि रिकॉर्ड में नई खरीद दर्ज होने के बावजूद अस्पताल के वार्डों में फटी हुई चादरें बिछी मिलीं और मरीजों को डॉक्टरी पर्चे की सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं।
निरीक्षण में क्या मिला
कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने अस्पताल के विभिन्न वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन ब्लॉक, दवा वितरण केंद्र और रजिस्ट्रेशन काउंटर का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि कई बेड पर फटी हुई चादरें बिछी थीं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में नई बेडशीट की खरीद दर्ज है। कुमार ने सवाल उठाया कि यदि नई चादरें खरीदी गई हैं तो वे अस्पताल तक क्यों नहीं पहुँचीं।
ओआरएस पैकेट पर एमआरपी — दवा खरीद पर सवाल
कुलदीप कुमार ने निरीक्षण के दौरान मरीजों को वितरित किए जा रहे ओआरएस पैकेट भी दिखाए। उनका आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर सामान्यतः 'दिल्ली सरकार' और 'नॉट फॉर सेल' अंकित होता है, लेकिन इन पैकेटों पर ऐसा कोई उल्लेख नहीं था। पैकेट पर ₹23.11 की एमआरपी छपी होने का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दवा खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और इससे सरकारी सामग्री के खुले बाजार में बिकने की आशंका बढ़ जाती है।
मरीज की गवाही और दवाओं की कमी
विधायक ने अस्पताल में मौजूद एक बुजुर्ग मरीज से भी बातचीत की। मरीज ने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से उपलब्ध नहीं हैं। कुलदीप कुमार ने इसे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी का प्रत्यक्ष उदाहरण बताते हुए दावा किया कि गरीब मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
AAP प्रदेश अध्यक्ष का बयान
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर निरीक्षण से जुड़े कई वीडियो साझा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपए की दवाएं खरीदने का दावा किया है, लेकिन अस्पतालों में मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही हैं। बेडशीट की गुणवत्ता पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यदि खरीदी गई चादरें इतनी अच्छी हैं तो BJP नेताओं को उन्हें अपने घरों में भी इस्तेमाल करना चाहिए। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण के दौरान सुरक्षा गार्ड मरीजों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं।
आगे क्या
AAP ने इस मामले में जाँच की माँग की है। दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।