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LBS अस्पताल निरीक्षण: AAP ने BJP सरकार पर बेडशीट और दवा खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

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LBS अस्पताल निरीक्षण: AAP ने BJP सरकार पर बेडशीट और दवा खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

सारांश

AAP विधायक कुलदीप कुमार ने LBS अस्पताल में फटी बेडशीट और ₹23.11 एमआरपी वाले ओआरएस पैकेट दिखाकर दिल्ली सरकार पर खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सैकड़ों करोड़ की दवा खरीद के बावजूद अस्पतालों में कमी और ओपीडी में अवैध वसूली का भी मुद्दा उठाया।

मुख्य बातें

AAP नेताओं ने 3 जुलाई को पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का निरीक्षण किया।
विधायक कुलदीप कुमार ने दावा किया कि सरकारी रिकॉर्ड में नई बेडशीट खरीद दर्ज होने के बावजूद वार्डों में फटी चादरें मिलीं।
ओआरएस पैकेट पर ₹23.11 की एमआरपी और 'नॉट फॉर सेल' का उल्लेख न होने पर दवा खरीद में गड़बड़ी का आरोप।
एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखी सभी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं।
सौरभ भारद्वाज ने ओपीडी पंजीकरण में सुरक्षा गार्डों द्वारा कथित अवैध वसूली का भी आरोप लगाया।
दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 जुलाई को पूर्वी दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल का औचक निरीक्षण कर दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सरकारी अस्पतालों में बेडशीट और दवा खरीद में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि रिकॉर्ड में नई खरीद दर्ज होने के बावजूद अस्पताल के वार्डों में फटी हुई चादरें बिछी मिलीं और मरीजों को डॉक्टरी पर्चे की सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं।

निरीक्षण में क्या मिला

कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने अस्पताल के विभिन्न वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन ब्लॉक, दवा वितरण केंद्र और रजिस्ट्रेशन काउंटर का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि कई बेड पर फटी हुई चादरें बिछी थीं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में नई बेडशीट की खरीद दर्ज है। कुमार ने सवाल उठाया कि यदि नई चादरें खरीदी गई हैं तो वे अस्पताल तक क्यों नहीं पहुँचीं।

ओआरएस पैकेट पर एमआरपी — दवा खरीद पर सवाल

कुलदीप कुमार ने निरीक्षण के दौरान मरीजों को वितरित किए जा रहे ओआरएस पैकेट भी दिखाए। उनका आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर सामान्यतः 'दिल्ली सरकार' और 'नॉट फॉर सेल' अंकित होता है, लेकिन इन पैकेटों पर ऐसा कोई उल्लेख नहीं था। पैकेट पर ₹23.11 की एमआरपी छपी होने का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दवा खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और इससे सरकारी सामग्री के खुले बाजार में बिकने की आशंका बढ़ जाती है।

मरीज की गवाही और दवाओं की कमी

विधायक ने अस्पताल में मौजूद एक बुजुर्ग मरीज से भी बातचीत की। मरीज ने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से उपलब्ध नहीं हैं। कुलदीप कुमार ने इसे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी का प्रत्यक्ष उदाहरण बताते हुए दावा किया कि गरीब मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

AAP प्रदेश अध्यक्ष का बयान

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर निरीक्षण से जुड़े कई वीडियो साझा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपए की दवाएं खरीदने का दावा किया है, लेकिन अस्पतालों में मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही हैं। बेडशीट की गुणवत्ता पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यदि खरीदी गई चादरें इतनी अच्छी हैं तो BJP नेताओं को उन्हें अपने घरों में भी इस्तेमाल करना चाहिए। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण के दौरान सुरक्षा गार्ड मरीजों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं।

आगे क्या

AAP ने इस मामले में जाँच की माँग की है। दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी विश्वसनीयता के लिए स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है — क्योंकि विपक्ष द्वारा निरीक्षण और सत्तापक्ष द्वारा खंडन दिल्ली की राजनीति का परिचित चक्र बन चुका है। ओआरएस पैकेट पर एमआरपी का मुद्दा तकनीकी रूप से गंभीर है, क्योंकि सरकारी खरीद में 'नॉट फॉर सेल' अंकन अनिवार्य होता है — यदि यह सत्य है तो यह प्रक्रियागत चूक नहीं, संभावित घोटाले का संकेत है। असली सवाल यह है कि सरकार इन दावों का जवाब कागज़ों से देगी या कैमरों से — और क्या कोई स्वतंत्र एजेंसी इसकी जाँच करेगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP ने LBS अस्पताल निरीक्षण में क्या पाया?
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने दावा किया कि अस्पताल के वार्डों में फटी हुई बेडशीट बिछी थीं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में नई चादरों की खरीद दर्ज है। इसके अलावा ओआरएस पैकेट पर ₹23.11 की एमआरपी छपी मिली और 'नॉट फॉर सेल' का उल्लेख नहीं था।
ओआरएस पैकेट पर एमआरपी होना क्यों संदिग्ध माना जा रहा है?
सरकारी अस्पतालों में वितरित होने वाली दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर 'दिल्ली सरकार' और 'नॉट फॉर सेल' अंकित होना अनिवार्य माना जाता है। AAP का आरोप है कि ऐसा न होने से यह सामग्री खुले बाजार में बेची जा सकती है, जो दवा खरीद में अनियमितता का संकेत है।
क्या अस्पताल में दवाओं की कमी की पुष्टि हुई है?
निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखी सभी दवाएं अस्पताल से नहीं मिल रहीं। यह AAP का दावा है; दिल्ली सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने ओपीडी में वसूली का क्या आरोप लगाया?
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण के दौरान सुरक्षा गार्ड मरीजों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार का हिस्सा बताया।
दिल्ली सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
3 जुलाई को निरीक्षण और AAP के आरोपों के बाद दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की स्वतंत्र जाँच की माँग AAP ने की है।
राष्ट्र प्रेस
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