दिल्ली दवा घोटाला: ₹650 करोड़ के आरोपों पर 'आप' का तीसरे दिन भी GTB अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 8 जुलाई 2026 को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया, जो कथित ₹650 करोड़ के दवा खरीद घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर दबाव बनाने की मुहिम का हिस्सा है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल के बाहर धरना देकर सरकार को घेरा।
मुख्य आरोप: कीमतों में हेरफेर और कमीशनखोरी
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि ₹100 करोड़ की दवाइयों की खरीद को ₹400 करोड़ दर्शाया गया, जिससे कथित तौर पर ₹300 करोड़ का कमीशन लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ₹10 लाख की एक्स-रे मशीन ₹33 लाख में और ₹150 की चादर ₹450 में खरीदी गई। भारद्वाज के अनुसार, इन खरीद प्रक्रियाओं में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं, हालाँकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मुख्य आरोपी पर सवाल: जर्मनी भेजे जाने का दावा
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजीव रंगीला को जाँच शुरू होने से पहले ही देश से बाहर जर्मनी भेज दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्य आरोपी ही देश में नहीं है, तो जाँच निष्पक्ष कैसे हो सकती है। साथ ही उन्होंने सरकार पर जाँच के नाम पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
विधायकों की माँग: सीबीआई-ईडी जाँच और इस्तीफा
बुराड़ी विधायक संजीव झा ने दावा किया कि GTB अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल रहीं — बेड फटे हुए हैं और दवाइयों का अभाव है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एसीबी (ACB) की एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि विजिलेंस जाँच लंबित होने के बावजूद डॉ. वत्सला अग्रवाल को DGHS (महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ) का प्रमुख नियुक्त किया गया, जो प्रक्रियागत रूप से संदिग्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की माँग की।
'आप' नेताओं ने एकजुट होकर माँग की कि पूरे मामले की सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जाँच कराई जाए, ताकि कथित घोटाले की सच्चाई सामने आ सके।
आगे का कार्यक्रम
भारद्वाज ने घोषणा की कि पार्टी का यह प्रदर्शन अभियान जारी रहेगा और गुरुवार को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल के बाहर भी धरना दिया जाएगा। गौरतलब है कि 'आप' पिछले तीन दिनों से अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन कर जनता को इस कथित घोटाले की जानकारी दे रही है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि सरकार इन आरोपों का विधिवत जवाब देती है या नहीं, और जाँच एजेंसियाँ किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।