23 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली दवा घोटाला: ₹650 करोड़ के आरोपों पर 'आप' का तीसरे दिन भी GTB अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली दवा घोटाला: ₹650 करोड़ के आरोपों पर 'आप' का तीसरे दिन भी GTB अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

सारांश

दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के दवा घोटाले को लेकर 'आप' का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। GTB अस्पताल के बाहर सौरभ भारद्वाज ने दवाओं की कीमतों में हेरफेर, मुख्य आरोपी के जर्मनी फरार होने और ACB FIR के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 8 जुलाई को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन किया।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कथित ₹650 करोड़ के दवा खरीद घोटाले में ₹300 करोड़ के कमीशन का आरोप लगाया।
मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजीव रंगीला के जाँच से पहले जर्मनी जाने का दावा; निष्पक्ष जाँच पर सवाल।
ACB FIR दर्ज होने के बावजूद किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर विधायक संजीव झा ने सवाल उठाए।
कुलदीप कुमार ने विजिलेंस जाँच लंबित रहते डॉ.
वत्सला अग्रवाल की DGHS नियुक्ति पर आपत्ति जताई।
'आप' ने CBI और ED से जाँच और मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की माँग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 8 जुलाई 2026 को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया, जो कथित ₹650 करोड़ के दवा खरीद घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर दबाव बनाने की मुहिम का हिस्सा है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल के बाहर धरना देकर सरकार को घेरा।

मुख्य आरोप: कीमतों में हेरफेर और कमीशनखोरी

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि ₹100 करोड़ की दवाइयों की खरीद को ₹400 करोड़ दर्शाया गया, जिससे कथित तौर पर ₹300 करोड़ का कमीशन लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ₹10 लाख की एक्स-रे मशीन ₹33 लाख में और ₹150 की चादर ₹450 में खरीदी गई। भारद्वाज के अनुसार, इन खरीद प्रक्रियाओं में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं, हालाँकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

मुख्य आरोपी पर सवाल: जर्मनी भेजे जाने का दावा

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजीव रंगीला को जाँच शुरू होने से पहले ही देश से बाहर जर्मनी भेज दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्य आरोपी ही देश में नहीं है, तो जाँच निष्पक्ष कैसे हो सकती है। साथ ही उन्होंने सरकार पर जाँच के नाम पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

विधायकों की माँग: सीबीआई-ईडी जाँच और इस्तीफा

बुराड़ी विधायक संजीव झा ने दावा किया कि GTB अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल रहीं — बेड फटे हुए हैं और दवाइयों का अभाव है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एसीबी (ACB) की एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि विजिलेंस जाँच लंबित होने के बावजूद डॉ. वत्सला अग्रवाल को DGHS (महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ) का प्रमुख नियुक्त किया गया, जो प्रक्रियागत रूप से संदिग्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की माँग की।

'आप' नेताओं ने एकजुट होकर माँग की कि पूरे मामले की सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जाँच कराई जाए, ताकि कथित घोटाले की सच्चाई सामने आ सके।

आगे का कार्यक्रम

भारद्वाज ने घोषणा की कि पार्टी का यह प्रदर्शन अभियान जारी रहेगा और गुरुवार को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल के बाहर भी धरना दिया जाएगा। गौरतलब है कि 'आप' पिछले तीन दिनों से अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन कर जनता को इस कथित घोटाले की जानकारी दे रही है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि सरकार इन आरोपों का विधिवत जवाब देती है या नहीं, और जाँच एजेंसियाँ किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक ये एकतरफा बयानबाज़ी तक सीमित हैं — सरकार की ओर से कोई विस्तृत खंडन या तथ्य-आधारित जवाब सामने नहीं आया है। ACB की FIR दर्ज होने के बाद भी किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी न होना और मुख्य आरोपी का कथित तौर पर विदेश चले जाना — ये दोनों बिंदु जाँच की गति और इरादे पर वैध सवाल खड़े करते हैं। विजिलेंस जाँच के दौरान DGHS पद पर नियुक्ति का मामला प्रशासनिक पारदर्शिता की कसौटी पर भी कसा जाना चाहिए। 'आप' का यह अभियान राजनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं में खरीद अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र जाँच जनहित में अनिवार्य है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली दवा खरीद घोटाला क्या है?
यह दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं का मामला है, जिसमें 'आप' ने ₹650 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। आरोप है कि ₹100 करोड़ की दवाएँ ₹400 करोड़ में दिखाई गईं और उपकरण बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए।
'आप' का यह प्रदर्शन अभियान कब से चल रहा है और अगला प्रदर्शन कहाँ होगा?
'आप' 6 जुलाई से लगातार दिल्ली के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन कर रही है। 8 जुलाई को GTB अस्पताल के बाहर प्रदर्शन हुआ और गुरुवार को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल के बाहर धरना देने की घोषणा की गई है।
राजीव रंगीला कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
'आप' नेता सौरभ भारद्वाज के अनुसार, राजीव रंगीला इस कथित दवा घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। भारद्वाज का दावा है कि जाँच शुरू होने से पहले ही उन्हें जर्मनी भेज दिया गया, जिससे निष्पक्ष जाँच पर सवाल उठते हैं।
'आप' ने किन जाँच एजेंसियों से जाँच की माँग की है?
'आप' नेताओं ने माँग की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जाँच कराई जाए। उनका कहना है कि ACB की FIR दर्ज होने के बाद भी कोई बड़ी गिरफ्तारी न होना संदेहास्पद है।
डॉ. वत्सला अग्रवाल की DGHS नियुक्ति विवादास्पद क्यों है?
कोंडली विधायक कुलदीप कुमार के अनुसार, डॉ. वत्सला अग्रवाल की DGHS (महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ) पद पर नियुक्ति तब की गई जब उनके खिलाफ विजिलेंस जाँच अभी लंबित थी। 'आप' का कहना है कि यह नियुक्ति प्रक्रियागत रूप से अनुचित है और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले