दिल्ली विधानसभा में ₹650 करोड़ के दवा घोटाले पर हंगामा, 'आप' विधायक मार्शल आउट
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में 7 अगस्त 2026 को कथित ₹650 करोड़ के दवा घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखा टकराव हुआ। घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग कर रहे AAP विधायकों को मार्शल द्वारा सदन से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद विधानसभा परिसर में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
घोटाले के आरोप: क्या है पूरा मामला
AAP विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने लगभग ₹100 करोड़ की दवाइयाँ ₹400 करोड़ में खरीदीं। उनके अनुसार, पोर्टेबल वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण भी बाज़ार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। झा ने कहा कि साइकिल घोटाले और इवेंट घोटाले जैसे अन्य गंभीर मामलों पर भी सरकार सदन में चर्चा से बच रही है।
विधायक कुलदीप कुमार ने भी आरोप लगाया कि दवाइयों, ओआरएस घोल और पोर्टेबल मेडिकल मशीनों की खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज से जुड़ा है।
सदन में टकराव और मार्शलिंग
AAP ने विधानसभा में नियम-59 के तहत इस कथित घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग की थी। कुलदीप कुमार के अनुसार, जब विपक्ष ने चर्चा की माँग की तो पहले दो विधायकों को सदन से बाहर निकाला गया, और बाद में अन्य सदस्यों को भी मार्शल आउट करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद AAP विधायकों ने विधानसभा परिसर में BJP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रश्नकाल पर विवाद
संजीव झा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार लगातार दूसरे विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल नहीं रख रही, जिससे सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो पा रही। उनके अनुसार, पिछले 20 महीनों में केवल एक बार प्रश्नकाल आयोजित हुआ और उस दौरान भी सरकार की ओर से किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया। बाद में जवाब देने का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा सत्रों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि लोकतांत्रिक परंपरा में प्रश्नकाल को विपक्ष का सबसे महत्वपूर्ण संसदीय हथियार माना जाता है।
AAP का आगे का रुख
कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि AAP इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। संजीव झा ने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है और जनता के सामने सच्चाई आने से डर रही है। BJP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में केंद्रीय बना रह सकता है।