7 अगस्त 2026
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दिल्ली विधानसभा में ₹650 करोड़ के दवा घोटाले पर हंगामा, 'आप' विधायक मार्शल आउट

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दिल्ली विधानसभा में ₹650 करोड़ के दवा घोटाले पर हंगामा, 'आप' विधायक मार्शल आउट

सारांश

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में कथित ₹650 करोड़ के दवा घोटाले पर AAP और BJP आमने-सामने आ गए। तत्काल चर्चा की माँग पर विपक्षी विधायकों को मार्शल आउट किया गया। AAP का आरोप — ₹100 करोड़ की दवाएँ ₹400 करोड़ में खरीदी गईं, और 20 महीनों में प्रश्नकाल सिर्फ एक बार हुआ।

मुख्य बातें

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में 7 अगस्त को कथित ₹650 करोड़ के दवा घोटाले पर AAP और BJP के बीच तीखा टकराव हुआ।
तत्काल चर्चा की माँग पर AAP विधायकों को मार्शल द्वारा सदन से बाहर निकाला गया।
चीफ व्हीप संजीव झा का आरोप — ₹100 करोड़ की दवाइयाँ ₹400 करोड़ में खरीदी गईं; पोर्टेबल वेंटिलेटर भी बाज़ार मूल्य से कई गुना अधिक पर।
पिछले 20 महीनों में केवल एक बार प्रश्नकाल हुआ और उसमें भी कोई उत्तर नहीं दिया गया — AAP का दावा।
विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि यह मामला दिल्ली के गरीब मरीजों के इलाज से सीधे जुड़ा है।

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में 7 अगस्त 2026 को कथित ₹650 करोड़ के दवा घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखा टकराव हुआ। घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग कर रहे AAP विधायकों को मार्शल द्वारा सदन से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद विधानसभा परिसर में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

घोटाले के आरोप: क्या है पूरा मामला

AAP विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने लगभग ₹100 करोड़ की दवाइयाँ ₹400 करोड़ में खरीदीं। उनके अनुसार, पोर्टेबल वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण भी बाज़ार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। झा ने कहा कि साइकिल घोटाले और इवेंट घोटाले जैसे अन्य गंभीर मामलों पर भी सरकार सदन में चर्चा से बच रही है।

विधायक कुलदीप कुमार ने भी आरोप लगाया कि दवाइयों, ओआरएस घोल और पोर्टेबल मेडिकल मशीनों की खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज से जुड़ा है।

सदन में टकराव और मार्शलिंग

AAP ने विधानसभा में नियम-59 के तहत इस कथित घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग की थी। कुलदीप कुमार के अनुसार, जब विपक्ष ने चर्चा की माँग की तो पहले दो विधायकों को सदन से बाहर निकाला गया, और बाद में अन्य सदस्यों को भी मार्शल आउट करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद AAP विधायकों ने विधानसभा परिसर में BJP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रश्नकाल पर विवाद

संजीव झा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार लगातार दूसरे विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल नहीं रख रही, जिससे सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो पा रही। उनके अनुसार, पिछले 20 महीनों में केवल एक बार प्रश्नकाल आयोजित हुआ और उस दौरान भी सरकार की ओर से किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया। बाद में जवाब देने का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा सत्रों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि लोकतांत्रिक परंपरा में प्रश्नकाल को विपक्ष का सबसे महत्वपूर्ण संसदीय हथियार माना जाता है।

AAP का आगे का रुख

कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि AAP इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। संजीव झा ने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है और जनता के सामने सच्चाई आने से डर रही है। BJP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में केंद्रीय बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक ये केवल विपक्ष के बयानों पर आधारित हैं — कोई स्वतंत्र जाँच रिपोर्ट या न्यायिक आदेश सामने नहीं आया है। असली सवाल यह है कि क्या BJP सरकार सदन में चर्चा से बचकर इस मुद्दे की धार कुंद करने की कोशिश कर रही है, या AAP अपनी पिछली सरकार के दौर के विवादों से ध्यान हटाने के लिए नए आरोप उछाल रही है। 20 महीनों में प्रश्नकाल का लगभग अनुपस्थित रहना एक संसदीय चिंता है जो किसी भी दल की सरकार में अस्वीकार्य होती — इस पर मुख्यधारा की कवरेज उतनी गहरी नहीं है जितनी होनी चाहिए।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विधानसभा में कथित दवा घोटाला क्या है?
AAP के आरोपों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने लगभग ₹100 करोड़ की दवाइयाँ ₹400 करोड़ में खरीदीं और पोर्टेबल वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सा उपकरण भी बाज़ार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। पूरे मामले में कथित तौर पर ₹650 करोड़ की अनियमितता बताई जा रही है।
AAP विधायकों को सदन से बाहर क्यों निकाला गया?
AAP विधायकों ने नियम-59 के तहत दवा घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग की थी। जब यह माँग स्वीकार नहीं की गई तो विधायकों ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद मार्शल ने उन्हें बाहर निकाल दिया।
AAP ने प्रश्नकाल को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
चीफ व्हीप संजीव झा के अनुसार, पिछले 20 महीनों में केवल एक बार प्रश्नकाल आयोजित हुआ और उस दौरान भी सरकार की ओर से किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया। AAP का कहना है कि प्रश्नकाल की अनुपस्थिति सरकार की जवाबदेही को खत्म कर देती है।
इस मामले में BJP सरकार का क्या पक्ष है?
रिपोर्टों के अनुसार, BJP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। AAP ने आरोप लगाया है कि सरकार चर्चा की अनुमति देने के बजाय लीपापोती करने की कोशिश कर रही है।
इस दवा घोटाले का दिल्ली की जनता पर क्या असर पड़ सकता है?
विधायक कुलदीप कुमार के अनुसार, यह मामला दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज से सीधे जुड़ा है। यदि दवाएँ और चिकित्सा उपकरण अत्यधिक कीमत पर खरीदे गए, तो इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बजट पर सीधा असर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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